राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने दिल्ली में कुछ समय पहले हुए श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम की वजह से यमुना नदी का बहाव क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद होने की बात कही है. द इंडियन एक्सप्रेस ने इसे मुख्य खबर के रूप में जगह दी है. खबर के मुताबिक समिति ने कहा कि रविशंकर की संस्था के विश्व सांस्कृतिक कार्यक्रम के चलते यमुना की जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचा है जिसकी भरपाई होना मुश्किल है. जल संसाधन सचिव शशि शेखर की अध्यक्षता वाली इस समिति ने 28 जुलाई को एनजीटी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि वह लोढ़ा कमिटी की सिफारिशों को मानने संबंधी अपने फैसले पर एक बार फिर विचार करे. द हिंदू में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक बीसीसीआई ने मामले की सुनवाई पांच न्यायाधीशों वाली संवैधानिक पीठ से कराने की मांग की है. इससे पहले 18 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की पीठ ने बीसीसीआई को लोढ़ा कमिटी की सिफारिशों को लागू करने का आदेश दिया था. बीसीसीआई की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला तमिलनाडु सोसायटी रजिस्ट्रेशन ऐक्ट और भारतीय संविधान का उल्लंघन है. पूर्व न्यायाधीश काटजू बीसीसीआई में चार सदस्यीय सलाह और मार्गदर्शन पैनल के प्रमुख हैं.
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने अगले महीने वेनेजुएला में होने वाले गुट-निरपेक्ष देशों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के हिस्सा नहीं लेने की संभावना को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए एक हफ्ता पहले आए आमंत्रण का कोई जवाब नहीं दिया गया है. सरकार सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भेजने पर विचार कर रही है. भारतीय प्रधानमंत्री गुट- निरपेक्ष देशों के सम्मेलन में लगातार हिस्सा लेते रहे हैं. केवल साल 1979 के हवाना सम्मेलन में तत्कालीन प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने हिस्सा नहीं लिया था. भारत साल 1961 में स्थापित गुटनिरपेक्ष देशों के संस्थापक देशों में से एक है.
केंद्र सरकार ने सरकारी सेवाओं के लिए कार्ड से किए जाने वाले भुगतान पर सुविधा या सेवा शुल्क का भुगतान खुद करने का निर्णय लिया है. दैनिक जागरण ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. खबर के मुताबिक सरकार ने नकदी के इस्तेमाल को कम करने और कर चोरी पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया है. सरकार ने इस आशय की अधिसूचना भी जारी कर दी है. फिलहाल सरकारी सेवाओं के लिए 2000 रुपए तक के भुगतान पर 0.75 फीसदी और 2000 रुपए से ज्यादा पर एक फीसदी सुविधा शुल्क देना पड़ता है.
पतंग उड़ाने में इस्तेमाल किए जाने वाले चीन में निर्मित मांझे के कारण दिल्ली में पांच लोगों की मौत होने की खबर को जनसत्ता ने मुख्य खबर के रूप में जगह दी है. खबर के मुताबिक चीनी मांझे के कारण लोगों की मौत होने के अलावा पक्षियों को भी नुकसान पहुंचा है. पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित जैन धर्मार्थ पक्षी अस्तपताल में चीनी मांझे से घायल करीब 350 पक्षियों का इलाज चल रहा है. इस घटना के बाद दिल्ली की सरकार लोगों के निशाने पर आ गई है. दरअसल उपराज्यपाल (एलजी) ने नौ अगस्त को ही चीनी मांझे के इस्तेमाल पर रोक लगाने संबंधी फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए थे. लेकिन दिल्ली सरकार ने पिछले एक हफ्ते तक इसे रोके रखा. केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि उसने कारोबारियों को फायदा पहुंचाने की वजह से प्रतिबंध लगाने में देरी कर दी. देसी धागे की तुलना में चीनी मांझा काफी तेज धार वाला होता है. चीन निर्मित इस धागे में सीसे और लोहे का इस्तेमाल किया जाता है.
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