कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा सांसद राम्या ने पाकिस्तान पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इंकार कर दिया है. पाकिस्तान की प्रशंसा करने के लिए राम्या के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज कराया गया है. राम्या ने कहा कि वे अपने बयान पर हो रही आलोचनाओं के बावजूद झुकेंगी नहीं और बड़े लक्ष्यों के लिए संघर्ष करेंगी.

राम्या का मूल नाम दिव्या स्पंदन है. वे सार्क देशों के युवा नेताओं के सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान गई थीं. एएनआई के मुताबिक हाल में पाकिस्तान से लौटने के बाद इस पूर्व अभिनेत्री ने कहा था, ‘पाकिस्तान नरक नहीं है. वहां के लोग हमारे जैसे हैं. उन्होंने हमारे साथ अच्छा व्यवहार किया. पर्रिकर का बयान गलत है.’ पिछले दिनों रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि पाकिस्तान जाना नरक में जाने जैसा है.

राम्या के बयान पर एक वर्ग की तीखी प्रतिक्रिया आई है. कर्नाटक में एक वकील ने उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला भी दर्ज कराया है. पूर्व लोकसभा सांसद के खिलाफ दर्ज आईपीसी की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है. इसमें राजद्रोह की धारा (124 ए) भी शामिल है. इस मामले पर 27 अगस्त को सुनवाई होनी है.

राजद्रोह के मामले पर जवाब देते हुुए राम्या का कहना था, 'कुछ राजनेता ध्रुवीकरण करना और नफरत फैलाना चाहते हैं. हम लोगों को महज इसलिए एक-दूसरे नफरत नहीं करनी चाहिए कि सीमाएं हमें अलग करती हैं.' उन्होंने कहा, ‘एक आम नागरिक की हैसियत से सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है. अगर हम लोगों को अपनी समझ से बात रखने की छूट नहीं देते हैं तो यह अभिव्यक्ति की आजादी का दमन होगा.’ पाकिस्तान की तारीफ पर पूर्व लोकसभा सांसद का यह भी कहना था, 'मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता. मैं श्रीलंका से प्यार करती हूं और बांग्लादेश से भी. मैं भारत को छोड़ने नहीं जा रही क्योंकि यह मेरा घर है.' उन्होंने कहा कि भाजपा राजद्रोह का कानून इसलिए नहीं हटा रही है क्योंकि वह इससे राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है.