भाजपा सांसद और दलित नेता उदित राज ने अपने ट्वीट से गौमांस विवाद को एक बार फिर हवा दे दी है. सोमवार को उन्होंने ट्वीट किया कि ओलंपिक में नौ मेडल जीतने वाले उसैन बोल्ट को उनके कोच ने बीफ खाने की सलाह दी थी. उन्होंने लिखा, ‘जमैका के धावक उसैन बोल्ड बहुत गरीब थे और उनके कोच ने उन्हें दिन में दोनों वक्त बीफ खाने की सलाह दी थी. उन्होंने ओलंपिक खेलों में नौ मेडल जीते.’

भारतीय जनता पार्टी गौरक्षा और गौमांस पर प्रतिबंध को लेकर खासी संवेदनशील रही है. जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं वहां गौमांस कारोबार पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है. ऐसे में उदित राज के बयान पर विवाद छिड़ गया है. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई देकर मामले को शांत करने की कोशिश की. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, मेरा ट्वीट दूर-दूर तक बीफ़ खाने की वकालत नहीं करता. मैंने तो सिर्फ़ वही जस का तस लिख दिया जो उसैन बोल्ट के ट्रेनर ने कहा था.'

उन्होंने आगे लिखा, 'मैंने यह बात इस संदर्भ में कही कि ग़रीबी और खराब हालात के बावजूद बोल्ट ने नौ गोल्ड मेडल जीत लिए. उसी तरह से हमारे खिलाड़ियों को भी इसी तरह से जीतने के रास्ते खोजने होंगे.' उनका कहना था कि हर समय हालात और सरकार को दोष देने के बजाय खिलाड़ियों को जीतने के नए रास्ता खोजने होंगे, क्या खाना है यह उनकी अपनी पसंद है. एक चैनल से बात करते हुए उनका यह भी कहना था, 'मैंने कहा कि बीफ प्रोटीन देता है. इसमें गलत क्या है? जो भी कहते हैं कि बीजेपी कुछ भी खाने के खिलाफ है वे पार्टी को अपमानित कर रहे हैं.'

उदित राज ने यह भी कहा, ‘लोग बहाना बनाते हैं कि ढांचागत सुविधाएं नहीं हैं, भ्रष्टाचार दूर किया जाना चाहिए, उन्हें उसैन बोल्ट से समर्पण सीखना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि देश में खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं की कोई कमी नहीं है. भारत सरकार, कीनिया और जमैका की तुलना में कहीं ज्यादा पैसा खर्च करती है फिर भी रियो ओलंपिक में भारत केवल एक रजत और एक कांस्य पदक जीत पाया है.