दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. मंगलवार को उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि नरेंद्र मोदी उपराज्यपाल के जरिए दिल्ली को बर्बाद करने पर तुले हैं. एक अन्य ट्वीट में उनका कहना था, ‘आज उपराज्यपाल ने कई अधिकारियों का सीधे तबादला कर दिया. यहां तक कि मुख्यमंत्री या अन्य किसी मंत्री को फाइल दिखाई तक नहीं गई. क्या यही लोकतंत्र का मोदी मॉडल है?’

अरविंद केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा दिल्ली स्वास्थ्य सचिव तरुण सेन और लोक निर्माण विभाग सचिव सर्वज्ञ श्रीवास्तव के तबादले की खबर के बाद आई. केजरीवाल के मुताबिक उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल से मोहल्ला क्लीनिक और स्कूल बनवाने के काम में लगे सचिवों का 31 मार्च तक तबादला न करने का निवेदन किया था, फिर भी तबादला कर दिया गया. इनकी जगह पर चंद्राकर भारत को स्वास्थ्य सचिव और अश्विनी कुमार को लोक निर्माण सचिव बनाया गया है.

केजरीवाल ने एक अन्य ट्वीट में पूछा है कि क्या दिल्ली में तीन सीट लेकर मोदी अब दिल्ली सरकार चलाएंगे और 67 सीट लेकर आम आदमी पार्टी विपक्ष में बैठेगी.

अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच शुरू से ही टकराव दिखता रहा है. दिल्ली सरकार और उप राज्यपाल के बीच अधिकारों के बंटवारे का मामला दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचा था. पिछले दिनों हाईकोर्ट से आए फैसले में उपराज्यपाल को दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था का सर्वोच्च अधिकारी बताया गया है. हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि उप राज्यपाल राज्य सरकार की सलाह पर काम करने के लिए बाध्य नहीं है. इसके बाद उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार की उन फाइलों को समीक्षा के लिए अपने पास मंगा लिया जिनमें उनकी राय नहीं ली गई थी. इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले का काम भी अपने हाथ में ले लिया है.