‘जमीन का अधिग्रहण तो अच्छे उद्देश्य के लिए ही था लेकिन, तरीका सही नहीं था.’

— एस सुधाकर रेड्डी, सीपीआई महासचिव

रेड्डी ने यह बात सिंगूर भूमि अधिग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कही. उन्होंने माना कि पश्चिम बंगाल की तत्कालीन वाम सरकार से भूमि अधिग्रहण करने के दौरान गलती हुई थी. रेड्डी ने कहा, ‘उन्हें (वाम सरकार) किसानों को राजी करना चाहिए था. जो जमीन देने को नहीं तैयार थे, उन्हें दूसरी जगह जमीन और मुआवजा देना चाहिए था.’ मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने टाटा मोटर्स के लिए 2006 के सिंगूर भूमि अधिग्रहण को खारिज कर दिया है और 12 हफ्ते के भीतर 997 एकड़ जमीन किसानों को लौटाने का आदेश दिया है.

‘हाथी आरपीआई का चुनाव चिह्न था जिसे मायावती ने धोखे से हड़प लिया.’

— रामदास अठावले, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के अध्यक्ष अठावले ने यह बात बसपा अध्यक्ष मायावती पर निशाना साधते हुए कही. उन्होंने कहा कि मायावती पर दलितों के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंक रही हैं. अठावले ने कहा कि वे महाराष्ट्र की तर्ज पर यूपी में भी आरपीआई और भाजपा के गठबंधन को लेकर गंभीर हैं. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो भाजपा का उम्मीदवार ही मुख्यमंत्री बनेगा क्योंकि इससे भाजपा को सारे दलित वोट मिल जाएंगे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को यूपी में 25-30 सीटें मिलेंगी. महाराष्ट्र में पिछले विधानसभा चुनाव में आरपीआई ने भाजपा के साथ गठबंधन किया था.


‘जापानी सरकार की रिपोर्ट अधूरी है. सुभाषचंद्र बोस के निधन पर अभी संदेह बना हुआ है.’

— चंद्र कुमार बोस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते

चंद्र कुमार बोस ने यह बात जापानी सरकार द्वारा जारी नेताजी से जुड़े दस्तावेजों पर कही. उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज नेताजी के निधन को लेकर किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और भारत सरकार द्वारा और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का इंतजार करना होगा. जापानी सरकार की रिपोर्ट पर बोस ने कहा, ‘एक भी ऐसा सबूत नहीं है जिससे हवाई दुर्घटना के निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके. केवल रिपोर्ट है और कुछ रेखाचित्र.’ गुरुवार को जापानी सरकार ने 60 साल पुराने दस्तावेज जारी किए हैं जिनमें कहा गया है कि 18 अगस्त 1945 को ताइवान में एक हवाई दुर्घटना में नेताजी का निधन हो गया था.


‘अमेरिका और रूस के बीच सीरिया में सहयोग पर जल्द समझौता संभव है.’

— ब्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति

ब्लादिमीर पुतिन का यह बयान सीरिया में इस्लामिक स्टेट से निपटने में अमेरिका के साथ सहयोग के बारे में पूछे जाने पर आया. उन्होंने कहा कि वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनने की पूरी संभावना है. बातचीत को कठिन बताते हुए पुतिन ने कहा, ‘हमारा ध्यान विपक्ष के कथित ठीक हिस्से को चरमपंथी और आतंकी समूहों से अलग करने पर है और इस पर अमेरिका को भी कोई आपत्ति नहीं है.’ सीरिया के टकराव में अमेरिका और रूस आमने-सामने हैं. रूस, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन करता है जबकि अमेरिका उन्हें हटाना चाहता है.