अलकायदा ने एक सनसनीखेज दावा किया है. दावे के मुताबिक इस आतंकी संगठन ने पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष अशफाक परवेज कयानी के बेटे का अपहरण किया था. अल कायदा ने कहा है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि कयानी के बेटे के बदले अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की दो बेटियों को छुड़ाया जा सके और ऐसा ही हुआ भी. बताया जा रहा है कि यह मामला दो हफ्ते पहले का है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह दावा अल-मसरा के 20वें संस्करण में किया गया है. अल मसरा अरबी प्रायद्वीप में अलकायदा से जुड़ी एक मैग्जीन है.

एएनआई के मुताबिक चर्चित लॉन्ग वॉर जर्नल की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कयानी के बेटे के अपहरण की खबर पाकिस्तानी मीडिया में नहीं आई है. लेकिन, अगस्त की शुरुआत में अल-कायदा ने जवाहिरी की बेटियों को छुड़ाने की बातें कही थीं. इससे अलावा कुछ अन्य ब्यौरों में भी कहा गया था कि अल-कायदा पाकिस्तान के किसी बड़े अधिकारी के बेटे के बदले जवाहिरी की बेटियों को छुड़ाने की कोशिश कर रहा है. वॉर जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ‘अगर जिहादी संगठन महज डींग मारने के लिए ऐसे दावे कर रहा है तो इसका कोई मतलब नहीं है. लेकिन, अलकायदा अगर सच में कयानी के बेटे का अपहरण करने और पाकिस्तानी सेना को जवाहिरी की बेटियों को लौटाने के लिए झुकाने में सफल रहा है, तो यह इसका सबूत है कि जवाहिरी के लोगों की पाकिस्तान में पकड़ काफी मजबूत है.’ रिपोर्ट के अनुसार रिटायर होने के बावजूद कयानी पाकिस्तानी सेना और वहां की खुफिया एजेंसियों में काफी प्रभाव रखते हैं. इन संस्थाओं ने लंबे समय तक जिहादियों और अल-कायदा से जुड़े तालिबानियों को मदद पहुंचाई है.

फिलीपींस के अधिकारियों ने बम धमाके के पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ बताया

फिलीपींस के अधिकारियों ने दक्षिणी-पश्चिमी शहर देवो में हुए बम विस्फोट के पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ बताया है. शुक्रवार रात 11 बजे देवो के प्रमुख होटल मार्को पोलो के बाहर शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था. इसमें कम से कम 14 लोग मारे गए थे और 67 घायल हो गए थे. इनमें 16 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है.

खबरों के मुताबिक अधिकारियों ने अबू सैयफ नाम के एक आतंकी संगठन पर शक जताया है. अबू सैयफ स्थानीय आतंकियों का छोटा समूह है और इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने का दावा करता है. राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव डेल्फिन लोरेंजान ने कहा कि अबू सैयफ को सेना की कार्रवाई में देवो से 900 किमी. दूर जोलो द्वीप पर अपने गढ़ में भारी नुकसान उठाना पड़ा है, उसी की प्रतिक्रिया में उसने यह हमला किया है. उन्होंने कहा, ‘हम लोगों ने इसकी आशंका जताई थी और सुरक्षा बलों को सचेत भी किया था. लेकिन, दुश्मनों ने उस जगह हमला किया, जहां उम्मीद नहीं थी.’

देवो फिलीपींस की राजधानी मनीला से लगभग 1,500 किमी. दूर देश के दक्षिणी हिस्से का सबसे बड़ा शहर है. इसकी आबादी 20 लाख है. इस क्षेत्र में पिछले दो दशक से इस्लामिक अलगाववादी गुट सक्रिय हैं. इस दौरान हिंसा में अब तक एक लाख से भी ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. कुछ हफ्ते पहले राष्ट्रपति दुतेर्ते ने यहां के दो विद्रोही गुटों से बातचीत की थी. इसके बाद सभी पक्षों के लिए मसले के स्थायी समाधान के लिए राजी होने की खबरें आई थीं.

भारत-वियतनाम के बीच रक्षा, आईटी और स्वास्थ्य सहित 12 समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान भारत और वियतनाम ने 12 महत्वपूर्ण समझौते किए हैं. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के अपने समकक्ष न्गुयेन शुयान फुक से मुलाकात की. इसके बाद दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि रक्षा से लेकर अंतरिक्ष सहयोग तक कुल 12 समझौते किए गए हैं. खबरों के मुताबिक इनमें स्वास्थ्य, आईटी, साइबर सुरक्षा, दोहरे कराधान और भारत नौका निर्माण व तकनीक हस्तांतरण जैसे विषय शामिल हैं.

अपने समकक्ष से मुलाकात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्हा त्रांग की टेलीकम्यूनीकेशन यूनिवर्सिटी में सॉफ्टवेयर पॉर्क बनाने के लिए भारत की तरफ से लगभग 33 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की. एएनआई के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा सहयोग के लिए लगभग 3,328 करोड़ रुपये का ऋण देने की घोषणा की. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने आपसी हितों को आगे ले जाने के लिए रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत बनाने का फैसला किया है. दोनों नेताओं ने रणनीतिक सहयोग को ज्यादा व्यापक बनाने पर सहमति जताई है. वियतनाम की यात्रा के बाद पीएम मोदी चीन के लिए रवाना हो गए, जहां वे चार व पांच सितंबर को जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.