‘दक्षिण एशिया में एक अकेला देश (पाकिस्तान) है जो आतंक के एजेंट फैला रहा है.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में कही. पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि आतंकवाद समर्थक देशों को अलग-थलग करने और उन पर प्रतिबंध लगाने की अपील की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आतंक और हिंसा बुनियादी चुनौती बनती जा रही है. कुछ देश इसे नीति के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं. भारत ने आतंकवाद को बिल्कुल ही न बर्दाश्त करने की नीति अपनाई है, क्योंकि इससे कम कुछ भी कारगर नहीं है.’ एक दिन पहले जी-20 सम्मेलन से इतर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों की बैठक में भी प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था.

‘राम मंदिर आंदोलन भाजपा ने नहीं, मेरे जैसे लोगों ने चलाया है.’

— विनय कटियार, भाजपा सांसद

विनय कटियार का यह बयान एक कार्यक्रम में राम मंदिर आंदोलन के सवाल पर आया. राम मंदिर को चुनावी मुद्दा न मानते हुए उन्होंने कहा कि अगर बहुत समय तक इसके समाधान को टाला गया तो लोगों का गुस्सा फूट सकता है. उन्होंने कहा कि भाजपा को यूपी में सीएम का चेहरा घोषित करने की जरूरत नहीं है. भाजपा में आने से पहले बजरंग दल के नेता रहे विनय कटियार ने गौरक्षकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणी से उलट बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि गौरक्षा के नाम पर 80 फीसदी लोग उगाही नहीं करते हैं. उना घटना के बाद प्रधानमंत्री मोदी 80 फीसदी गौरक्षकों को समाज विरोधी काम करने वाला बताया था.


‘राजनीतिक चर्चा के बगैर कश्मीर समस्या का समाधान संभव नहीं है.’

— सीताराम येचुरी, सीपीआई(एम) के महासचिव

येचुरी ने यह बात श्रीनगर में लोगों से मुलाकात के बाद कही. वे गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में घाटी गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे. उन्होंने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार को सभी पक्षों के साथ बगैर किसी शर्त के बातचीत शुरू करनी चाहिए. अलगाववादी नेताओं के उनसे मिलने से इंकार करने पर येचुरी ने कहा, ‘वे लोग हमसे मिले, केवल गिलानी नहीं मिले. हालांकि, उन लोगों ने कश्मीर संकट पर बात करने से इंकार कर दिया.’ येचुरी सहित कुछ नेता व्यक्तिगत स्तर पर अलगाववादी नेताओं से मिलने गए थे. अलगाववादियों ने प्रतिनिधिमंडल से भी मिलने के लिए इंकार कर दिया था.


‘सुदूर और दुर्गम इलाकों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का ही सम्मान होना चाहिए.’

— वीरभद्र सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री

वीरभद्र सिंह ने शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही. उन्होंने कहा, ‘यह देखा गया है कि दुर्गम, पहाड़ी और आदिवासी इलाकों में वर्षों से कड़ी मेहनत के साथ पढ़ाने वाले अध्यापकों का नाम पुरस्कृत अध्यापकों में शामिल नहीं होता है.’ शिक्षा विभाग के अधिकारों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अपने पेशे के प्रति जिम्मेदार अध्यापकों को ही पुरस्कार के लिए चुना जाना चाहिए न कि उन अध्यापकों को जो शहरों-कस्बों में अपनी पोस्टिंग के लिए समय बर्बाद करते हैं. उन्होंने कहा कि अध्यापकों को समाज में अपनी भूमिका के बारे में आत्मनिरीक्षण करना चाहिए.


‘उत्तरी कोरिया का मिसाइल परीक्षण माफ करने लायक नहीं है.’

— शिंजो आबे, जापान के प्रधानमंत्री

शिंजो आबे ने यह बात चीन में जी-20 सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ बैठक में कही. सोमवार को उत्तरी कोरिया ने अपने प्रमुख सहयोगी चीन में वैश्विक शक्तियों की मौजूदगी को दरकिनार कर तीन बैलास्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था. ये मिसाइलें पूर्वी सागर की ओर दागी गईं थी. इनकी मारक क्षमता लगभग 1,000 किमी बताई गई. इसके बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पार्क ग्येन-हे और आबे के बीच भी अलग से बैठक हुई. दोनों नेताओं ने हालात पर नजर रखने के लिए सहमति जताई. उत्तरी कोरिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों का उल्लंघन करके अपना बैलास्टिक मिसाइल कार्यक्रम आगे बढ़ा रहा है.