काले धन की रोकथाम के लिए आरबीआई जांच एजेंसियों के साथ आंकड़े साझा करे : एसआईटी | सोमवार, 05 सितंबर 2016

काले धन की रोकथाम के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को देश से बाहर जाने वाले गैर- कानूनी धऩ की निगरानी के लिए जांच एजेंसियों के साथ आंकड़े साझा करने के लिए कहा है. वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट कर यह जानकारी दी है. ट्वीट के मुताबिक न्यायाधीश एमबी शाह की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने 11 अगस्त को आरबीआई गवर्नर को एक खत लिखा था. इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के बीच आंकड़ों और सूचनाओं को प्रभावी तरीके से साझा करने के लिए एक संस्थागत प्रणाली की स्थापना करने पर जोर दिया गया था. एसआईटी से पहले वित्त मंत्रालय ने भी आरबीआई को वित्तीय प्रवाह पर नजर रखने के लिए एक संस्थागत प्रणाली विकसित करने के लिए कहा था.

एसआईटी के मुताबिक काले धन से संबंधित आंकड़े साझा करने से विभिन्न एजेंसियां जल्द ही उचित कार्रवाई के लिए जरूरी सूचनाएं हासिल कर सकती हैं. उसका मानना है कि आंकड़े साझा करने से जांच एजेंसियों के लिए अवैध फंड को ट्रैक करना आसान होगा. मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक केंद्रीय बैंक आरबीआई के पास हर तरह के विदेशी मुद्रा हस्तांतरण के संबंध में सूचनाएं होती हैं.

आतंकवादियों को भारत के कई हिस्सों से लोगों की मदद मिल रही है : एनएसजी रिपोर्ट | मंगलवार, 06 सितंबर 2016

आतंकवाद निरोधक बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की एक रिपोर्ट सरकार सहित किसी के भी माथे पर बल डाल सकती है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के कुछ हिस्सों में आतंकवादियों और उग्रवादियों को जनता का समर्थन मिल रहा है और जब तक इसे रोकने के सफल उपाय नहीं किए जाएंगे तब तक भारत आतंकी गतिविधियों से जूझता रहेगा.

यह रिपोर्ट देश में पिछले कुछ समय के दौरान हुए बम धमाकों और इस साल अप्रैल से जून के बीच सभी राज्यों से लिए गए अलग-अलग आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है. राष्ट्रीय बम डेटा सेंटर (एनबीडीसी) की मदद से तैयार की गई इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आतंकवादी संगठनों और कश्मीर और उत्तर-पूर्व के विद्रोहियों और नक्सलियों द्वारा आर्डिनेंस फैक्ट्रियों में बने हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

एनबीडीसी के आंकड़ों के मुताबिक आतंकवादियों-उग्रवादियों के निशाने पर मुख्य रूप से जनता है और देश के कुछ हिस्सों में इन्हीं आतंकियों को जनता का समर्थन भी भरपूर मिल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार जब तक राष्ट्र-विरोधी तत्वों को जनता का समर्थन नहीं रुकेगा तब तक आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगना मुश्किल है. एनएसजी ने देश के नागरिकों को सुरक्षित रखने और इस स्थिति से निपटने के लिए 'एक राष्ट्र' या ‘संपूर्ण राष्ट्र’ की भावना से प्रयास करने की सलाह दी है.

'पॉकेमॉन गो' के निर्माताओं और केंद्र को हाईकोर्ट का नोटिस, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप| बुधवार, 07 सितंबर 2016

गुजरात हाईकोर्ट ने बहुचर्चित मोबाइल गेम 'पॉकेमॉन गो' को लेकर केंद्र, राज्य सरकार और गेम के निर्माताओं को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस बुधवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आर सुभाष रेड्डी ने अधिवक्ता निचिकेत दवे की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया. याचिका में कहा गया था कि इस मोबाइल गेम से हिंदू भावनाएं आहत हो रही हैं.

याचिकाकर्ता के मुताबिक इस गेम में मोबाइल स्क्रीन पर दिखने वाले अंडों को कई धार्मिक स्थानों के अंदर दिखाया जाता है. ये सभी धार्मिक स्थान पवित्र हैं और अंडा मांसाहार की श्रेणी में आता है, ऐसे में अंडे का धार्मिक स्थलों में पाया जाना गलत है. याचिका में यह दावा भी किया गया है कि इस गेम से लोगों की निजता और खेलने वाले की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है. याचिकाकर्ता की मांग है कि इन सब कारणों को देखते हुए इस पर बैन लगा दिया जाना चाहिए.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य, केंद्र सरकार और अमेरिका के सैनफ्रांसिस्को स्थित इस गेम की निर्माता कम्पनी नियानटिक लैब को भी नोटिस जारी किया है. इस गेम को लेकर अमेरिका सहित कई देशों में सरकारी चेतावनियां जारी हो चुकी हैं. भारत में इसे न खेलने को लेकर फतवा जारी किया जा चुका है.

प्रीति राठी तेजाब कांड : कोर्ट ने दोषी अंकुर पंवार को मौत की सजा सुनाई | गुरुवार, 08 सितंबर 2016

2013 के बहुचर्चित प्रीति राठी तेज़ाब कांड के आरोपी अंकुर पंवार को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. गुरूवार को मुंबई की विशेष महिला अदालत ने 25 वर्षीय अंकुर को आईपीसी की धारा 302 और 326 बी के तहत दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई. इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की और से 37 गवाह पेश किए गए थे जिनमें से कई ने अंकुर की पहचान की.

मंगलवार को इस मामले में सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अदालत से दोषी को मौत की सजा देने की अपील की थी. उनकी दलील थी कि समाज को झकझोर देने वाले ऐसे अपराध करने वालों को फांसी की सजा देकर एक कड़ा संदेश देना भी जरूरी है.

दो मई 2013 को दिल्ली की निवासी प्रीति राठी पर उस समय तेज़ाब से हमला किया गया था जब वे रक्षा मंत्रालय के एक अस्पताल में नर्स की नौकरी ज्वाइन करने मुंबई पहुंची थीं. प्रीति जैसे ही बांद्रा टर्मिनल्स रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरीं वैसे ही अंकुर पंवार ने उनके चेहरे पर तेज़ाब फेंक दिया. इस हादसे के करीब एक महीने बाद प्रीति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक प्रीति और अंकुर दिल्ली में एक-दूसरे के पड़ोसी थे. प्रीति को सरकारी नौकरी मिलने की वजह से अंकुर उससे ईर्ष्या करने लगा था और इसी कारण उसने प्रीति पर तेजाब फेंका था.

अलगाववादी नेता गिलानी ने कहा, पाकिस्‍तान हमारा दोस्‍त और भारत कश्मीर का कब्‍जेदार है | शुक्रवार, 09 सितंबर 2016

कश्मीरी अलगाववादियों के वरिष्ठ नेता सैयद अली शाह गिलानी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. उन्होंने भारत को कश्मीर का कब्जेदार और पाकिस्तान को कश्मीरियों का दोस्त बताया है. शुक्रवार सुबह गिलानी ने श्रीनगर के अपने घर पर प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी लेकिन प्रशासन ने उनके घर की ओर जाने वाले रास्‍ते बंद कर दिए थे जिस वजह से वे कांफ्रेंस नहीं कर पाए. हालांकि, इसके बाद गिलानी ने मीडिया को एक बयान जारी किया.

गिलानी के बयान के मुताबिक बुरहान वानी के शहीद होने के बाद घाटी के प्रत्‍येक गांव और कस्बे से यह संदेश आया है कि भारत और कश्‍मीर के बीच केवल किरायेदार और कब्‍जेदार का रिश्‍ता है. उनका यह भी कहना है कि कश्मीर में जारी घटनाक्रम के बीच पाकिस्‍तान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह कश्मीरियों का सबसे बड़ा साथी है. गिलानी के शब्दों में, 'पाकिस्‍तान और उसके लोग हमारे दर्द को समझते हैं, उन्होंने हमारे संघर्ष को नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग दिया है.'

अलगाववादी नेता ने अब्‍दुल्‍ला और मुफ्ती परिवार पर भी निशाना साधा है. गिलानी का कहना है, 'ये सहयोगी भारत की कठपुतली मात्र हैं और आज यह साफ है कि इनका एकमात्र काम भारत के कब्‍जे को मजबूत करना और हमारे लोगों की हत्‍याओं और उन्‍हें अंधे करने पर सफाई देना है.' कश्मीर घाटी में दो महीने से जारी हिंसा में 70 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

रियो पैरालंपिक : गरीबी और शारीरिक बाधाओं को मात देकर मरियप्पन थंगावेलु ने स्वर्ण पदक जीता | शनिवार, 10 सितंबर 2016

रियो ओलंपिक की तरह रियो पैरालंपिक में भारत को पदक के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा है. प्रतियोगिता के दूसरे दिन ऊंची कूद प्रतियोगिता में तमिलनाडु के मरियप्पन थंगावेलु ने स्वर्ण और उत्तर प्रदेश के वरुण भाटी ने कांस्य पदक जीता है. हालांकि, शरद कुमार पदक लाने से चूक गए. इनकी जीत के साथ भारत भी पदकतालिका में शामिल हो गया है. ब्राजील की राजधानी रियो डि जेनेरियो में ओलंपिक के बाद पैरालंपिक की प्रतियोगिताएं चल रही हैं.

टी-42 वर्ग की प्रतियोगिता में थंगावेलु ने 1.89 मीटर ऊंची छलांग लगाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया तो भाटी 1.86 मीटर की छलांग लगाने में सफल रहे. प्रतियोगिता का रजत पदक अमेरिकी एथिलीट सैम ग्रीव के हिस्से आया, जिन्होंने भाटी के बराबर 1.86 मीटर छलांग लगाई थी. थंगावेलु पैरालंपिक में ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. हालांकि, इस स्पर्धा में पहला पदक 2012 में एचएन गिरीशा ने जीता था. पैरालंपिक में भारत को इससे पहले दो स्वर्ण पदक मिल चुके हैं. 1972 में हीडलबर्ग में आयोजित पैरालंपिक में मुरलीकांत पेटकर ने तैराकी में और देवेंद्र झाझरिया ने 2004 के एथेंस पैरालंपिक के दौरान भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीते थे.

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने थंगावेलु को दो करोड़ रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्विटर पर दोनों विजेताओं को बधाई दी है. खेल मंत्रालय ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 75 लाख, रजत पदक पर 50 लाख और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 30 लाख रुपये का ईनाम दिया जाएगा.