पूर्व राज्य सभा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को साफ किया है कि आवाज-ए-पंजाब नाम का उनका फ्रंट चुनाव में हिस्सा नहीं लेगा. हाल में इस फ्रंट का ऐलान करने वाले सिद्धू ने एक बयान जारी यह जानकारी दी. उनके मुताबिक यह फैसला इसलिए किया गया है ताकि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी मतों का बंटवारा न हो. हालांकि सिद्धू ने कहा कि पंजाब की बेहतरी के लिए वे किसी भी गठबंधन का स्वागत करते हैं. उन्होंने अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और कांग्रेसी नेता अमरिंदर सिंह के गठजोड़ को सत्ता से बाहर करने की बात कही है.

चुनाव नहीं लड़ने की वजह

सिद्धू का कहना है कि वे राजनीतिक पार्टी के जरिए विधानसभा चुनाव का मजा खराब नहीं करना चाहते. उनके शब्दों में, ‘हम लोग पंजाब की जनता को संशय में नहीं रखना चाहते.’ सिद्धू का कहना है कि आवाज-ए-पंजाब फ्रंट के गठन के बाद राज्य में राजनीतिक परिस्थितियों पर विचार विमर्श करने के बाद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया गया है. उनका मानना है कि नई पार्टी के गठन के बाद राज्य में चुनाव जीतने में कम से कम दो साल लगेंगे और तीन महीने का समय इसके लिए काफी कम है.

राजनीतिक विकल्प देने की बात से पीछे हटे

नवजोत सिंह सिद्धू ने आठ सितंबर को चंडीगढ़ में आवाज-ए-पंजाब का ऐलान किया था. यह ऐलान करते समय उनके साथ अकाली दल के पूर्व नेता परगट सिंह भी मौजूद थे. सिद्धू ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में ‘पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत’ के जीतने की बात कही थी. इसके साथ उन्होंने पंजाब की जनता को थोड़े दिनों के भीतर नया राजनीतिक विकल्प देने की बात कही थी.