दो अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश घोषित करने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक पेश किया है. ये सांसद रिपब्लिकन पार्टी के टेड पो और डेमोक्रेटिक पार्टी के डाना रोहराबाचर हैं. इसे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है जो संयुक्त राष्ट्र महासभा के वार्षिक अधिवेशन में कश्मीर का मुद्दा उठाने वाले हैं.

आतंकवाद प्रायोजित देश घोषित करने की प्रक्रिया

कांग्रेस में ‘द पाकिस्तान स्टेट स्पॉन्सर ऑफ डेजिगनेशन ऐक्ट’ के नाम से विधेयक को पेश किए जाने के बाद अमेरिकी सरकार को चार महीने के भीतर इसपर अपना पक्ष रखना होगा. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को 90 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट जारी करेंगे. रिपोर्ट में इस बात का जिक्र होगा कि पाकिस्तान ने आतंकवादियों की मदद की है या नहीं. आखिर में अमेरिकी विदेश मंत्री रिपोर्ट जारी करेंगे जिसमें यह तय किया जाएगा पाकिस्तान आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश है या नहीं.

पाकिस्तान का आतंकी संगठनों के साथ संबंध

टेड पो आतंकवाद पर गठित हाउस सबकमिटी के अध्यक्ष भी हैं जबकि डाना रोहरबार्चर को पाकिस्तान में बलोच आंदोलन का समर्थक माना जाता है. विधेयक को कांग्रेस में पेश करने वाले सांसद टेड पो ने कहा ‘पाकिस्तान न सिर्फ गैर भरोसेमंद सहयोगी है, बल्कि वह कई वर्षों तक दुश्मन देशों की मदद भी करता रहा है. पाकिस्तान ने न सिर्फ ओसामा बिन लादेन को शरण दी बल्कि हक्कानी नेटवर्क के साथ भी उसके अच्छे संबंध हैं.’

अमेरिकी संसद में दो दशक बाद पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश के रूप में घोषित करने के लिए विधेयक पेश किया गया है. 1993 में मुंबई हमले के बाद भी इस तरह का विधेयक पेश किया गया था.