आखिरकार, पाकिस्तान को सार्क शिखर सम्‍मेलन टालना पड़ा है. शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस्लामाबाद में होने वाला 19 वां सार्क सम्मेलन टाल दिया गया है और जल्द ही इसकी नई तारीख तय की जाएगी. पाकिस्तान ने इसके लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है. उसका कहना है कि भारत ने सार्क समिट को पटरी से उतार कर नरेंद्र मोदी के गरीबी से लड़ने के वादे के विपरीत काम किया है. पाकिस्तान ने यह दावा भी किया है कि वह सार्क देशों की प्रगति के लिए इस सम्मेलन को इस्लामाबाद में ही आयोजित करेगा.

पाकिस्तान के इस फैसले को भारत की कूटनीतिक जीत की तरह देखा जा रहा है. उरी हमले के बाद सबसे पहले भारत ने ही इस्लामाबाद में होने वाले इस सम्मेलन में हिस्सा लेने से इनकार किया था. इसके बाद पाकिस्तान को बड़ा झटका तब लगा था जब भारत की उसे अलग-थलग करने की मुहिम के तहत अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश और भूटान ने भी इस सम्मलेन में हिस्सा लेने से मना कर दिया था.

इन देशों के अलावा शुक्रवार को श्रीलंका ने भी इस सम्मेलन में शामिल होने में असमर्थता जता दी थी. इन सभी देशों का कहना था कि इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मलेन के लिए अभी क्षेत्रीय माहौल सही नहीं है. पांच देशों की मनाही के बाद सार्क सम्मलेन का स्थगित होना तय माना जा रहा था. नियमों के मुताबिक सार्क के आठ सदस्य देशों में से अगर एक भी सदस्य देश शिखर सम्मलेन में भाग लेने से इनकार करता है तो इसका स्थगित होना तय है.