बीसीसीआई और जस्टिस लोढ़ा समिति के बीच चल रहा टकराव अब खेल को अपनी चपेट में लेता दिख रहा है. लोढ़ा समिति द्वारा बीसीसीआई के बैंक खातों से भुगतान पर रोक लगाने के बाद बीसीसीआई ने भारत-न्यूजीलैंड सीरीज रद्द करने की बात कही है. क्रिकेट बोर्ड के अनुसार लोढ़ा समिति दखल के चलते उसे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीरीज रद्द करनी पड़ सकती हैं. इस पर जस्टिस लोढ़ा का बयान आया है कि बीसीसीआई के रूटीन खर्चों पर रोक नहीं लगी है और इसलिए सीरीज रद्द करने का सवाल नहीं उठता.

एनडीटीवी के मुताबिक बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘अब हमारे पास सीरीज रद्द करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है. अगर आपके पास पैसे नहीं हैं तो आप मैच कैसे कराएंगे? कौन भुगतान करेगा? वैसे भी हमारा बहुत कुछ दांव पर लगा है.’ अधिकारी ने कहा कि लोढ़ा समिति की बोर्ड के रोजाना के कामकाज में दखलअंदाजी बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जबकि उसे ऐसा करने का हक नहीं है. उनका यह भी कहना था, ‘खिलाड़ियों को भुगतान करना पड़ता है. अगर वे बगैर भुगतान के तीसरे टेस्ट मैच के लिए तैयार हैं तो अच्छी बात है.’

उधर इन खबरों पर जस्टिस लोढ़ा ने बीसीसीआई के रोजाना के कामकाज से जुड़े भुगतान पर कोई रोक न होने की बात कही है. जस्टिस लोढ़ा ने कहा, ‘सोमवार को भेजे गए ईमेल में हमने साफ तौर पर केवल राज्य क्रिकेट संघों को बड़े भुगतान न करने के लिए कहा है. हमने यह नहीं कहा है कि नियमित कामकाज के लिए होने वाले भुगतान रोक दिए जाएं.’ जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि इसलिए सीरीज रद्द करने का सवाल ही नहीं उठता. भारत और न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में अभी तक दो टेस्‍ट मैच हो चुके हैं. एक टेस्‍ट और पांच वनडे बाकी हैं.

यह मामला राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि लोढ़ा कमेटी के ज्यादा हस्तक्षेप से खेल खत्म हो जाएगा. उन्होंने लोढ़ा समिति के हस्तक्षेप को बीसीसीआई को गलत तरीके से निशाना बनाने की कोशिश भी बताया है.

हालांकि, न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने कहा है कि बीसीसीआई ने उन्हें सीरीज रद्द न किए जाने जानकारी दी है और वे लोग तीसरे टेस्ट मैच की तैयारी कर रहे हैं.भारत-न्यूजीलैंड की तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत दो मैच जीत चुका है. तीसरा मैच आठ अक्टूबर को इंदौर में शुरू होना है. दोनों देशों के बीच वन डे सीरीज भी होनी है.

जस्टिस लोढ़ा समिति का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर क्रिकेट संस्थाओं के बारे में सुझाव देने के लिए किया गया था. अब वह कोर्ट के निर्देश पर उन्हीं सिफारिशों को लागू करने की निगरानी भी कर रही है. सोमवार को उसने बैंकों को बीसीसीआई की 30 सितंबर की विशेष बैठक के फैसलों के आधार पर भुगतान न करने का निर्देश दिया था. समिति ने इसे नियमित कामकाज से जुड़ा भुगतान नहीं माना था.

समिति ने बीते हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट में बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों सिफारिशों को लागू करने में बाधा डालने का आरोप लगाया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी आई थी. इस मामले में अगली सुनवाई छह अक्टूबर को होनी है.