कुछ समय से अक्सर नकारात्मक वजहों से ही सुर्खियों में रहे भारतीय बीपीओ बाजार के बारे में एक और बुरी खबर है. महाराष्ट्र पुलिस ने मुंबई से सटे ठाणे के तीन कॉल सेंटरों पर छापे मारकर 750 से ज्यादा कर्मचारियों को हिरासत में लिया है. इनसे अमेरिकी नागरिकों के साथ जालसाजी करने के मामले में पूछताछ की जा रही है.

खबरों के मुताबिक कॉल सेंटर्स के ये कर्मचारी कर्ज न चुका पाने वाले अमेरिकी नागरिकों को फोन कर खुद को टैक्स अधिकारी बताते थे. इसके बाद वे उनके बैंक खातों से जुड़ी जानकारियां मांगते थे और ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की भी धमकी देते थे. ये जानकारियां मिलने के बाद उनके खातों को हैक करके पैसे निकाले जाते थे. अधिकारियों के मुताबिक इन कर्मचारियों ने रोजाना औसतन एक करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी की है.

पुलिस इस मामले में अमेरिका स्थित एजेंटों की भूमिका की भी जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि इन हर सफल ठगी के लिए इन एजेंटों को 30 फीसदी कमीशन मिलता था. इसके पीछे अहमदाबाद के एक गैंग के शामिल होने का संदेह भी जताया गया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कॉल सेंटर कर्मचारियों को रोजाना पैसे निकालने का टारगेट मिलता था. यही नहीं इस काम के लिए लोकल ट्रेनों में विज्ञापन देकर बेरोजगार युवकों को भर्ती किया गया था और उन्हें अमेरिकी लहजे में अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग दी गई थी.

ठाणे के पुलिस अधीक्षक डॉ. महेश पाटिल ने इस छापेमारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में ऐसी छापेमारी होने के बाद कॉल सेंटर्स पर नजर रखी जा रही थी. पाटिल ने बताया कि ऑनलाइन जालसाजी में एक विशेष सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया गया है, जिससे कॉल करने पर रिसीवर के फोन पर अमेरिका का नंबर दिखाई देता था. उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना तकनीकी अधिनियम-2000 के तहत मामला दर्ज किया गया है.