‘अगर मोदी सरकार मदद करे तो चीन को टक्कर दे सकते हैं.’

— रामदेव, योग गुरु

रामदेव का यह बयान चीनी उत्पादों के बहिष्कार को लेकर आया. उन्होंने कहा कि दुश्मनों को सबक मिलना चाहिए और इसमें व्यापारियों, राजनीतिक दलों या अन्य समूहों को भूमिका निभानी चाहिए. चीन द्वारा यूएन में आतंकी अजहर मसूद पर प्रतिबंध लगाने और न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत की सदस्यता जैसे मुद्दों में रोड़ा अटकाने के लिए देश में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की बातें हो रही हैं. इस बारे में रामदेव का यह भी कहना है कि इससे बाजार में उत्पादों की जो कमी आएगी उसे वे पूरी करने के लिए तैयार हैं. राम को आस्था का मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि राम के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

‘रामायण म्यूजियम लॉलीपॉप है, राम मंदिर बनना चाहिए.’

— विनय कटियार, भाजपा सांसद

विनय कटियार का यह बयान रामायण म्यूजियम बनाने को लेकर पर्यटन मंत्री महेश शर्मा के अयोध्या दौरे पर आया. उन्होंने कहा कि अयोध्या का विकास अच्छी बात है, लेकिन राम मंदिर बने बगैर यह सब बेकार है. कटियार ने सभी दलों से बातचीत, कोर्ट के फैसले और संसद के जरिए राम मंदिर निर्माण के लिए प्रयास करने की अपील की. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने गोली चलवा दी थी, इसलिए उनसे नहीं लेकिन उनके बेटे मुख्यमंत्री अखिलेश से इस मामले में उम्मीद की जा सकती है. हाल में केंद्र सरकार ने अयोध्या में रामायण के चरित्रों पर शोध केंद्र और म्यूजियम बनाने की घोषणा की है.


‘अगर पर्रिकर संघ की शिक्षा में यकीन करते हैं, तो पहले अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के अनुदान पर रोक लगवा दें.’

— सुभाष वेलिंगकर, गोवा में आरएसएस के विद्रोही नेता

वेलिंगकर ने यह बात मनोहर पर्रिकर द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे संघ की शिक्षा का प्रभाव बताए जाने पर कही. उन्होंने कहा कि पर्रिकर को भाजपा के खिलाफ हमारे प्रचार का डर सता रहा है, इसलिए वे संघ की शिक्षा को याद कर रहे हैं. वेलिंगकर गोवा में मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा देने और अंग्रेजी माध्यम वाले स्कूलों का अनुदान रोकने की मांग कर रहे हैं. अगस्त में गोवा सरकार ने जब उनकी मांग नहीं मानी तो उन्होंने नई पार्टी बनाने की घोषणा कर दी. इसके बाद उन्हें आरएसएस निकाल दिया गया. उन्होंने इसके लिए पर्रिकर को जिम्मेदार बताया था.


‘मौजूदा परिस्थितियों में पड़ोसी देश (पाकिस्तान) के कलाकारों के साथ कोई काम नहीं करूंगा.’

— करण जौहर, फिल्म निर्माता

जौहर का यह बयान अपनी फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ को लेकर आया है. पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान के काम करने की वजह से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इसके रिलीज होने का विरोध कर रही है. सेना का सम्मान करने की बात करते हुए जौहर ने कहा कि जब फिल्म की शूटिंग हुई थी तब भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य थे. उन्होंने यह भी कहा कि एक पाकिस्तानी कलाकार को छोड़कर बाकी सैकड़ों भारतीयों ने फिल्म में मेहनत की है, इसलिए यह विरोध ठीक नहीं है. पिछले हफ्ते सिनेमा ओनर्स एंड एग्जिविटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी फिल्म को सिंगल स्क्रीन पर रिलीज नहीं करने का फैसला किया था.


‘यूक्रेन और सीरिया में रूस की हरकतों को देखते हुए ब्रिटेन को प्रतिबंध जारी रखने की मुहिम का नेतृत्व करना चाहिए.’

— बोरिस जॉन्सन, ब्रिटेन के विदेश मंत्री

जॉन्सन का यह बयान सीरिया के अलेप्पो शहर में जारी बमबारी पर आया. सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सेना रिहायशी इलाकों में बमबारी कर रही है जिसके लिए पश्चिमी देश रूस को दोषी बता रहे हैं. रूस सीरिया के राष्ट्रपति का समर्थक है. इस बारे में जॉन्सन का कहना है कि सीरिया में रूस की क्रूरता को सामान्य बात नहीं माना जा सकता. पश्चिम देशों ने बमबारी जारी रहने पर रूस व सीरिया पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है. 2014 में यूक्रेन में रूस की कार्रवाई के बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूसी बैंकों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नजदीकियों के खातों पर प्रतिबंध लगा दिया था.