भारत में करीब 32 लाख डेबिट कार्ड्स के पिन चोरी होने की आशंका जताई गई है. खबरों के मुताबिक ये कार्ड देश के पांच प्रमुख बैंकों एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, यस बैंक और एक्सिस बैंक द्वारा जारी किए गए हैं. इस घटना के बाद इन सभी बैंकों ने अपने ग्राहकों से कार्ड या फिर पिन बदलने को कहा है. बताया जाता है कि जिन 32 लाख कार्ड्स के पिन चोरी होने की आशंका है, उनमें करीब 26 लाख वीजा और मास्टरकार्ड हैं जबकि बाकी के 6 लाख रुपे कार्ड हैं.

द इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार जांच में अभी यह पता नहीं लग पाया है कि यह डेटा कहां से चोरी हुआ है. लेकिन, उन ग्राहकों के पिन चोरी हुए हैं जिन्होंने हिताची पेमेंट सर्विस से जुड़े एटीएम का इस्तेमाल किया है. बताया जाता है कि इन मशीनों से कार्ड्स की जानकारी एक 'मैलवेयर' के जरिए चोरी की गई है. हिताची पेमेंट सर्विस येस बैंक के लिए एटीएम नेटवर्क उपलब्ध कराती है. हालांकि, इसके एमडी लॉनी एंटनी का कहना है कि शुरूआती जांच में उनके सिस्टम में कोई खामी नजर नहीं आ रही है, लेकिन जांच की अंतिम रिपोर्ट आने तक कुछ नहीं कहा जा सकता.

उधर, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के प्रबंध निदेशक एपी होटा के मुताबिक उन्हें सूचना मिली है कि पिन चोरी हुए कुछ कार्डों का उपयोग चीन के कुछ शहरों में अनाधिकारिक रूप से किया गया है. इससे पहले बुधवार को एसबीआई ने अपने लगभग छह लाख ग्राहकों के एटीएम कार्ड ब्लॉक कर दिए थे. बैंक का कहना था कि एक थर्ड पार्टी एटीएम से आए वायरस की वजह से उसकी सुरक्षा में सेंध लगने का खतरा पैदा हो गया है.