पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. पनामा पेपर्स लीक में नाम सामने आने के बाद भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे शरीफ को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. गुरूवार को कोर्ट ने यह नोटिस उनके खिलाफ दायर की गईं पांच याचिकाओं की सुनवाई करते हुए जारी किया. ये याचिकाएं क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीके इन्साफ और चार अन्य पार्टियों के द्वारा दायर की गई हैं.

इन याचिकाओं में कहा गया है कि पनामा पेपर्स के खुलासे से यह साफ़ हो गया है कि नवाज शरीफ और उनके परिवारियों की विदेशों में अवैध संपत्ति है और उन्होंने इसे देश की जनता और संसद से छिपाया है. याचिका में आगे कहा गया है कि इन खुलासों के बाद शरीफ को संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के तहत देश का प्रधानमंत्री बने रहने का अधिकार नहीं है.

इस मामले में अदालत ने शरीफ की बेटी मरियम, बेटे हसन और हुसैन, दामाद मुहम्मद सफदर, वित्त मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी एफआईए के महानिदेशक को भी नोटिस जारी किया है. उधर, नवाज शरीफ ने कोर्ट की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए देश की जनता से अपील की है कि वह कोर्ट का निर्णय आने से पहले इस मामले में कोई राय न बनाए.

इसी साल अप्रैल में पनामा स्थित मशहूर लॉ फर्म मोसाक फोंसेका के लीक हुए दस्तावेजों के बाद दुनिया की कई बड़ी शख्सियतों पर काले धन का स्वर्ग कहे जाने वाले देशों में पैसा रखने के आरोप लगे थे. इन नामों में शरीफ के तीन बेटों का नाम भी शामिल है. ये तीनों कारोबारी हैं. लीक हुए दस्तावेजों के मुताबिक इन लोगों ने मोसाक फोंसेका के जरिये फर्जी कंपनियां खड़ी करके काला धन छिपाया है.