पाकिस्तान का क्वेटा शहर एक बार फिर आत्मघाती हमले का शिकार हुआ है. सोमवार देर रात तीन आतंकियों ने शहर के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज को निशाना बनाया. इस हमले में 59 जवानों की मौत हो गई. स्थानीय अखबार डॉन के मुताबिक हमले के दौरान दो आतंकी अपनी सुसाइड बेल्ट में विस्फोट करने में सफल रहे जबकि तीसरे आतंकी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया. हमले में 120 लोगों के घायल होने की भी खबर है. यह साल का सबसे घातक आतंकी हमला बताया जा रहा है. फ्रंटियर कॉर्प के आईजी मेजर जनरल शेर अफगान ने बताया कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-झांगवी का धड़ा अल-अलीमी इस हमले के लिए जिम्मेदार है. लश्कर-ए-झांगवी, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़ा आतंकी संगठन है.

आतंकियों ने प्रशिक्षण ले रहे रंगरूटों के क्वार्टरों को निशाना बनाकर हमला किया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीनों आत्मघाती हमलावरों ने खुद को शॉल से ढक रखा था. बलूचिस्तान के गृहमंत्री सरफराज बुगती ने भी तीन आत्मघाती हमलावर होने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया, ‘आतंकियों ने सबसे पहले निगरानी चौकी को निशाना बनाया. वहां तैनात सिपाहियों को मारने के बाद वे मुख्य मैदान में दाखिल हो गए.’ बुगती ने हमले के साजिशकर्ताओं के अफगानिस्तान में होने की बात कही है.

गृहमंत्री के मुताबिक घायलों में प्रशिक्षु जवानों के अलावा सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. इन सभी घायलों को बलूच सिविल अस्पताल, बोलन मेडिकल कॉलेज और सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आठ अगस्त के आत्मघाती हमले को ध्यान में रखते हुए सिविल अस्पताल की सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है. सिविल अस्पताल में हुए इस हमले में 73 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर वकील थे. इसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट और जमातुल अहरार ने ली थी.