बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाने की घटना सामने आई है. रविवार को ब्राह्मणबेरिया में उन्मादी भीड़ ने हिंदू मंदिरों और घरों में तोड़फोड़ की है. पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने का दावा किया है और स्थानीय अखबार डेली स्टार के अनुसार इनके खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं.

ब्राह्मणबेरिया के नरसिंहनगर उपजिला में रविवार को सैकड़ों लोगों ने पांच मंदिरों को निशाना बनाया था. इसके अलावा आसपास के 100 से ज्यादा घरों में तोड़फोड़ की गई. इस घटना के पीछे फेसबुक पर की गई कथित टिप्पणी को जिम्मेदार माना जा रहा है. स्थानीय अखबार के मुताबिक रसराज दास नाम के 27 वर्षीय युवक की पोस्ट में काबा में भगवान शिव की मूर्ति दिखाई गई थी. शनिवार को स्थानीय लोगों ने दास को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था और उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. हालांकि, रसराज का कहना था कि किसी ने उसकी जानकारी के बगैर उसके फेसबुक अकाउंट से यह फोटो पोस्ट की थी.

ब्राह्मणबेरिया के पुलिस अधीक्षक अब्दुल करीम के मुताबिक लगभग पांच सौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. नरसिंहनगर पुलिस थाने के इंचार्ज अब्दुल कादर के मुताबिक उन्मादी भीड़ द्वारा काशीपारा, दासपारा, घोषपारा और दत्तापारा के हिंदू बाहुल्य इलाकों को निशाना बनाया गया है. पीड़ितों ने इस मामले के पीछे एक संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम की ढाका इकाई के शामिल होने पर संदेह जताया है. हालांकि इस संगठन ने इन आरोपों को खारिज किया है.

बांग्लादेश में पिछले साल से धार्मिक अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष लेखकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसक हमलों में बढ़ोतरी हुई है. इस साल जुलाई में 24 घंटे के भीतर दो हिंदू पुजारियों की हत्या कर दी गई थी. इससे पहले मई में बांदरबन जिले में एक बौद्ध भिक्षु की हत्या हो गई थी. एक मई को तांगेल में दुकान के बाहर बैठे एक हिंदू दर्जी को मार दिया गया था. अप्रैल में बांग्लादेश की पहली एलजीबीटी मैग्जीन रूपबान के वरिष्ठ संपादक जुल्हाज मनन और उनके दोस्त तनय मजूमदार की ढाका में हत्या कर दी गई थी. इसकी जिम्मेदारी अल कायदा ने ली थी और यह मामला कई दिनों तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में था.