प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से भारतीय भाषाओं का सम्मान करने और उन्हें बोलने पर गर्व करने की बात कही है. उन्होंने नई दिल्ली में सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन पर आयोजित एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के मौके पर कहा, ‘यदि हमारे बच्चे दूसरी भाषा बोलते हैं तो हम गर्व का अनुभव करते हैं. हम गर्व के साथ लोगों को बताते हैं कि मेरा बेटा स्पेनिश जानता है. मेरी बेटी फ्रेंच बोल सकती है.’ इसके आगे उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ‘हम इसी गर्व की भावना के साथ क्यों नहीं कह सकते कि मेरा बेटा मलयालम बोल सकता है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम अपनी मातृभाषा बोलते समय अंग्रेजी के एक या दो शब्दों का इस्तेमाल कर जाते हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा सवाल है कि हम हिंदी बोलने के दौरान अंग्रेजी की जगह दूसरी भारतीय भाषाओं का इस्तेमाल क्यों नहीं करते? इसके आगे उन्होंने सुझाव देते हुए अपनी बात आगे बढ़ाई कि इस तरह की कोशिश हमें देश की सभी भाषाओं और संस्कृतियों को समझने और सम्मान देने में मदद कर सकती है.

अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले विभिन्न भाषायी और संस्कृति के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए सुझाव दिए. इसके लिए उन्होंने प्रत्येक राज्य के इतिहास और संस्कृति से जुड़े सवालों का बैंक बनाने का सुझाव दिया. उनके मुताबिक ऐसा करने पर सभी राज्यों के छात्र किसी भी राज्य के इतिहास सहित अन्य जानकारियों से परिचित हो पाएंगे.