भोपाल सेंट्रल जेल से फरार प्रतिबंधित संगठन सिमी के आठों सदस्यों के पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने की खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. खबरों के मुताबिक यह मुठभेड़ भोपाल से 10 किमी दूर ईंटखेड़ी गांव में हुई. हालांकि, कांग्रेस ने इस कार्रवाई से जुड़े राज्य सरकार के दावों पर सवाल उठाया है. इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का मोदी सरकार पर न्यायाधीशों के फोन टेप करने का आरोप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में गुजरात को पीछे छोड़ते हुए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अव्वल आने की खबर भी अखबारों ने प्रमुखता से छापी है.

देश में 55 फीसदी अंडरट्रायल मुस्लिम, दलित और आदिवासी

देश की जेलों में बंद 55 फीसदी से ज्यादा अंडरट्रायल (ऐसे कैदी जो अपने मामलों की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं) मुसलमान, दलित या आदिवासी हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2015 के आंकड़ों के मुताबिक जेलों की क्षमता का दो-तिहाई हिस्सा अंडरट्रायलों से भरा है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कुल आबादी में 39 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले इन समुदायों के खिलाफ अपराध साबित होने की दर भी कहीं कम है.

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक अंडरट्रायलों में से 28.5 फीसदी अशिक्षित और 42.2 फीसदी 10वीं से कम पढ़े-लिखे हैं. इसके अलावा करीब 65 फीसदी मामलों में जमानत मिलने से पहले उनके द्वारा जेल में बिताए गए समय की अवधि तीन महीने से पांच साल तक की है. हालांकि, साल 2015 की तुलना में अंडरट्रायलों की संख्या में 0.3 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई है.

जम्मू- कश्मीर हाइकोर्ट का स्कूलों को सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने का निर्देश

जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट ने स्कूलों को सुरक्षा देने के लिए संबंधित विभागों को जरुरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. हिंदुस्तान टाइम्स ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. खबर के मुताबिक पिछले कई दिनों से कश्मीर घाटी में स्थित स्कूलों को एक के बाद करके जलाया जा रहा है. पिछले तीन महीनों में 25 स्कूलों को पूरी तरह से या आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया जा चुका है.

अदालत ने सुनवाई के दौरान मामले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, ‘शिक्षा के गढ़ को जलाए जाने की घटना झटका देने वाली है. इस मामले पर सभी को गहनता से विचार करना चाहिए.’ इसके अलावा, हाइकोर्ट ने शिक्षा के दुश्मनों को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही.

‘आप’ के साथ बातचीत विफल होने के बाद सिद्धू की कांग्रेस पर नजर

पूर्व क्रिकेटर और सांसद नवजोत सिंह सिद्धू अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ जा सकते हैं. द इकॉनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कांग्रेस सिद्धू को अपने साथ लाने के लिए लगातार उनके संपर्क में हैं. अखबार के मुताबिक आम आदमी पार्टी सिद्धू और उनकी पत्नी को मनमुताबिक जगह देने के लिए तैयार नहीं हैं.

बीते सितंबर में आवाज ए पंजाब नाम से राजनीतिक फ्रंट का गठन करने वाले भाजपा के पूर्व सांसद ने अगले साल होने वाले चुनाव में नहीं उतरने की बात कही थी. इसके बाद वे आप के संपर्क में थे. हालांकि, फ्रंट का ऐलान करते समय उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री बादल सहित कांग्रेसी नेता अमरिंदर सिंह और अरविंद केजरीवाल को जमकर निशाने पर लिया था.

राष्ट्रगान के इस्तेमाल पर केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फायदे के लिए राष्ट्रगान का व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने के लिए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक अदालत ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह कदम उठाया. इस याचिका में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान प्रतिबंध और आदर कानून, 1971 का हवाला दिया गया है. याचिकाकर्ता के मुताबिक राष्ट्रगान को कई परिस्थितियों में गाया जाता है जो कानून का उल्लंघन है.

एफबीआई द्वारा दोबारा ई-मेल मामले की जांच शुरु किए जाने के बाद हिलेरी की मुश्किलें बढ़ी

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले हिलेरी क्लिंटन के लिए राह मुश्किल हो गई है. ताजा सर्वे में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हिलेरी की बढ़त सिर्फ एक फीसदी अंक की है. पिछले दिनों ट्रंप से जुड़े एक वीडियो के सामने आने के बाद दौड़ में आगे निकलने वाली हिलेरी ने अपने प्रतिद्वंदी के खिलाफ काफी आक्रामक रूख अपना लिया था.

हिलेरी के लिए मुश्किल की वजह अमेरिकी केंद्रीय जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा उनके विदेश मंत्री रहते हुए उनके द्वारा निजी सर्वर के इस्तेमाल करने संबंधी मामले की दोबारा जांच शुरू किया जाना है. अखबार के मुताबिक जांच एजेंसी की मंशा पर सवाल उठा चुकी हिलेरी ने ट्रंप पर मतदाताओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने उनपर अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए जानबूझकर निजी सर्वर का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.