दिल्ली में वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे को लेकर एक पूर्व सैनिक की खुदकुशी के बाद के राजनीतिक घटनाक्रम को आज सभी अखबारों ने मुख्य खबर के रूप में जगह दी है. खबर के मुताबिक पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश के दौरान राहुल गांधी और दिल्ली के उप- मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को हिरासत में लिया गया. इसके अलावा भोपाल मुठभेड़ में मारे गए सिमी सदस्यों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और इराकी सेना द्वारा आईएस के गढ़ मोसुल को चारों तरफ से घेरे जाने की खबर भी अखबारों ने प्रमुखता से छापी है.

भारतीयों अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक किए जाने के बाद उनकी इस्लामाबाद से वापसी संभव

भारत इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के आठ अधिकारियों को वापस बुला सकता है. केंद्र सरकार के इस फैसले के पीछे का कारण पाकिस्तानी मीडिया द्वारा इनकी पहचान सार्वजनिक किया जाना है. हिंदुस्तान टाइम्स ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. खबर के मुताबिक भारतीयों अधिकारियों की पहचान और फोटो ऑनलाइन और टीवी चैनलों द्वारा उजागर किए गए. इसके अलावा इन अधिकारियों में से दो को जासूस बताया गया है और इनपर विध्वंसक गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाया गया है.

अखबार ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि जासूसी के आरोप में पाकिस्तानी अधिकारी महमूद अख्तर को गिरफ्तार किए जाने के बाद ही पाकिस्तानी मीडिया ने भारतीय अधिकारियों की पहचान उजागर कर दी. इसके अलावा सूत्र ने दिल्ली पुलिस द्वारा अख्तर से संबंधित वीडियो को सार्वजनिक किए जाने पर सवाल उठाया. माना जा रहा है कि पाकिस्तानी मीडिया ने इसकी वजह से ही भारतीय अधिकारियों की पहचान उजागर की. बीते बुधवार को पाकिस्तान के भारत से अपने छह अधिकारियों को वापस बुलाने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव एक फिर से बढ़ता दिख रहा है.

अमेरिकी मुस्लिम समुदाय अपनी छवि को लेकर चिंतित

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मुसलमानों की जिस तरह से छवि पेश की गई है उससे, समुदाय चिंतित है. जनसत्ता में प्रकाशित ेक खबर के मुताबिक इन लोगों की राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप से शिकायत है कि उन्हें एक छवि में कैद किया जा रहा है और उनकी चिंताओं को अनदेखा भी किया जा रहा है.

अमेरिका के मुस्लिम समुदाय के मुताबिक रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ट्रंप की चुनावी मुहिम मुसलमानों को लेकर काफी नकारात्मक रही है. उन्होंने अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही थी. इसके अलावा हिलेरी भी अपने सार्वजनिक बयान में इस बात पर जोर देती हैं कि मुसलमान आतंकवाद विरोधी प्रयासों को समर्थन देने के लिए क्या कर सकते हैं.

भोपाल मुठभेड़ में मारे गए कैदियों के पास हथियार नहीं : मध्य प्रदेश एटीएस प्रमुख

मध्य प्रदेश के एटीएस प्रमुख संजीव शमी ने भोपाल मुठभेड़ में कैदियों के मारे गए कैदियों के पास हथियार नहीं होने की बात कही है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक एटीएस प्रमुख ने कहा है कि पुलिस ने फरार कैदियों को मारकर कोई कानून नहीं तोड़ा है. उनके मुताबिक पुलिस उस स्थिति में भी अधिकतम बल का इस्तेमाल कर सकती है जब, उनपर गोलियां नहीं चलाई गई हों. उधर, मारे गए सिमी सदस्यों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद उनके वकील ने कहा कि कैदियों के सीने और सिर में कम से कम दो गोलियां मारी गई हैं.

उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के साथ आने पर ही ‘महागठबंधन’ संभव : नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि उत्तर प्रदेश में ‘महागठबंधन’ सपा और बसपा के साथ आने पर ही बन सकता है. द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक नीतीश कुमार ने साफ किया कि यदि दोनों पार्टी साथ नहीं आती हैं तो यह सिर्फ एक गठबंधन होगा. इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के साथ किसी तरह की बातचीत से इनकार किया है. नीतीश कुमार ने कहा, ‘कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है. गठबंधन के संबंध में कोई भी पहल उनकी ओर से होनी चाहिए.' बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी जदयू हमेशा से गैर-भाजपा दलों की एकता के समर्थन में है.

राजस्थान में जेल तोड़ने की सबसे ज्यादा घटनाएं, दिल्ली जेलों में झड़प के मामले में अव्वल

साल 2011 से 2015 के दौरान राजस्थान में जेल तोड़ने की सबसे ज्यादा घटनाएं हुईं. हिन्दुस्तान ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों पर आधारित एक ग्राफिक्स के जरिए भारत में जेलों की स्थिति को दिखाया है. पूरे देश में इस अवधि के दौरान जेल टूटने की कुल 83 घटनाएं हुई जिनमें 41 राजस्थान में हुईं. इसके अलावा दिल्ली की जेलों में इस दौरान सबसे अधिक झड़पें हुई हैं. यहां होने वाली झड़पें पूरे देश की जेलों में होने वाली झड़पों का 60 फीसदी हिस्सा है.

एनसीआरबी के मुताबिक पिछले दो वर्षों में जेलों से कुल 185 कैदी फरार होने में सफल रहे हैं. साल 2014 में जेल तोड़ने की 16 घटनाओं में 96 और 2015 में ऐसी 26 घटनाओं में 89 कैदी भागने में कामयाब रहे.