उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की अटकलों पर लगाम लग गई है. गुरुवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने ऐसी किसी संभावना को एक सिरे से खारिज कर दिया. एएनआई के मुताबिक मुलायम ने कहा कि उनकी पार्टी अगले साल विधानसभा चुनाव के लिए किसी भी राजनीतिक दल से गठबंधन नहीं करेगी. रिपोर्ट के मुताबिक मुलायम सिंह ने अन्य दलों के सपा में विलय पर जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि पार्टियों का उनके दल में विलय हो सकता है, लेकिन गठबंधन नहीं होगा.

पांच नवंबर को सपा के सिल्वर जुबली कार्यक्रम में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, जदयू नेता शरद यादव और जनता दल सेक्युलर के अध्यक्ष एचजी देवगौड़ा लखनऊ पहुंचे थे. इस दौरान लालू यादव ने बिहार की तर्ज पर भाजपा को उत्तर प्रदेश से खदेड़ने की बात कही थी. इसके बाद उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की अटकलें तेज हो गई थीं. बुधवार को नई दिल्ली में जनता परिवार के नेताओं की बैठक होने की खबर आई. मुलायम सिंह के आवास पर राष्ट्रीय लोक दल के मुखिया अजीत सिंह और जदयू नेता शरद यादव ने मुलाकात की थी. लेकिन, सपा और रालोद के बीच सीटों के बंटवारे को गठबंधन की दिशा में मुख्य अड़चन बताया गया थी.

सबसे पहले महागठबंधन की चर्चा तब सामने आई थी जब सपा में अंदरूनी कलह के बीच प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने नई दिल्ली में कई नेताओं से मुलाकात की थी. इसके बाद कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी मुलायम सिंह यादव से दिल्ली और लखनऊ में मिले थे. इससे संभावित गठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने की चर्चा होने लगी थी. हालांकि, इस दौरान किसी भी नेता ने आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की थी.