500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद किए जाने के बाद शुक्रवार को मची अफरातफरी आज सभी अखबारों के पहले पन्ने की खबर है. देशभर में बैंकों और एटीएम के आगे लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. खबरों के मुताबिक बैंकों में पुराने नोट बदलवाने के दौरान दो लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक परमाणु असैन्य समझौते की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है.

15 लाख रुपए से अधिक रखने पर रोक

केंद्र सरकार 15 लाख से अधिक नकद रखने पर रोक लगा सकती है. दैनिक जागरण की एक खबर के मुताबिक काले धन पर गठित एसआईटी के अध्यक्ष एमबी शाह और उपाध्यक्ष अरिजीत पसायत ने वित्तमंत्री अरुण जेटली को इस संबंध में पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि अगर नकदी रखने की सीमा तय नहीं की गई तो सरकार के ताजा फैसले का कोई असर नहीं होगा क्योंकि कुछ दिनों बाद लोग फिर से कालाधन जमा करना शुरू कर देंगे. समिति के मुताबिक 2000 रुपए का नोट आने से कालाधन जमा करने में आसानी होगी.

बीते जुलाई में एसआईटी ने वित्त मंत्रालय को सौंपी अपनी पांचवीं रिपोर्ट में 15 लाख रुपए से अधिक नकद रखने के लिए आयकर आयुक्त की अनुमति लेने की सिफारिश की थी. खबर के मुताबिक माना जा रहा है कि सरकार इस सिफारिश को मान सकती है. इसके अलावा समिति ने संबंधित विभागों को यह निर्देश जारी किए जाने का भी सुझाव दिया था कि अगर किसी व्यक्ति के खाते में एक निश्चित सीमा से अधिक रकम जमा की जा रही है तो इसकी जांच की जाए.

सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब सरकार नया कानून लाने की तैयारी में

सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब सरकार नया कानून लाने की तैयारी में है. हिन्दुस्तान ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि नया विधेयक 16 नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जा सकता है. इसके अलावा राज्य सरकार ने अदालत के फैसले का विस्तृत अध्ययन करने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है.

पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) अशोक अग्रवाल ने कहा कि अदालत ने इस मामले पर केवल अपनी राय दी है जिसे राष्ट्रपति मान भी सकते हैं और नहीं भी. मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस मामले को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांगा है.

केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढें : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार से नक्सलवाद का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढने और जीवन के प्रति व्यवहारिक नजरिया अपनाने के लिए कहा है. जनसत्ता में प्रकाशित खबर के मुताबिक छत्तीसगढ़ सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया है कि 15 नवंबर तक सामाजिक कार्यकर्ता नंदिनी सुंदर और अन्य के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा. पिछले दिनों इन सभी के खिलाफ सुकमा जिले के एक आदिवासी की हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. न्यायधीश एमबी लोकुर और न्यायाधीश आदर्श गोयल की पीठ ने कहा, ‘हम आपकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आप हैं कि इसे गंभीरता से नहीं ले रहे. हम आप पर या किसी और पर दोषारोपण नहीं कर रहे हैं.’

टाटा-मिस्त्री विवाद के घेरे में अब नुस्ली वाडिया

रतन टाटा और सायरस मिस्त्री के बीच विवाद के घेरे में अब टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा केमिकल्स के वरिष्ठ स्वतंत्र निदेशक नुस्ली वाडिया भी आ गए है. बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक ये सारी कंपनियां सायरस मिस्त्री के साथ-साथ वाडिया को भी कंपनी के बोर्ड से बाहर देखना चाहती हैं. टाटा सन्स द्वारा संबंध में एक प्रस्ताव लाया गया है. हालांकि टाटा ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है कि इन कंपनियों के तमाम स्वतंत्र निदेशकों में से वाडिया को ही क्यों हटाने की बात की जा रही है.

अखबार मे सूत्रों के हवाले से कहा है कि पिछले दिनों के घटनाक्रम से साफ है कि मिस्त्री स्वतंत्र निदेशकों की मदद से इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड सहित इससे जुड़ी कंपनियों पर अधिकार करना चाहते थे. इन कंपनियों में टाटा की हिस्सेदारी 30 से 39 फीसदी तक है. रतन टाटा को आशंका है कि मिस्त्री स्वतंत्र निदेशकों की मदद से इन कंपनियों पर कब्जा करने की कोशिश कर सकते हैं. मिस्त्री और स्वतंत्र निदेशकों ने इस आरोप का खंडन किया है.

उत्तर प्रदेश में कोई पार्टी अकेले ही भाजपा को मात नहीं दे सकती : जदयू

जदयू ने कहा है कि कोई पार्टी अकेले सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील उत्तर प्रदेश में भाजपा को मात नहीं दे सकती है. सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने गुरुवार को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए किसी पार्टी के साथ गठबंधन से साफ इनकार किया था. द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पार्टी के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा, ‘सभी गैर-भाजपा पार्टियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि 2014 के आम चुनाव में भाजपा को 42.8 फीसदी वोट और सपा और बसपा दोनों को मिलाकर 42.2 फीसदी वोट मिले थे. त्यागी ने सपा अध्यक्ष चुनाव में अकेले जाने के फैसले पर निराशा जाहिर की. उनके मुताबिक वे सब इस बात से खुश थे कि मुलायम जनता परिवार को फिर से एकसाथ लाना चाहते हैं.’