दुनिया में भले ही महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए संवेदनशीलता बढ़ाने की बातें हो रही हों, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात का कानून इससे कोसों दूर खड़ा दिखता है. दुबई में गैंगरेप की शिकायत करने वाली एक ब्रिटिश महिला को स्थानीय पुलिस ने अवैध संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में इस तरह के अन्याय के शिकार लोगों के लिए काम करने वाली ब्रिटेन स्थित संस्था ‘डीटेन्ड इन दुबई’ के मुताबिक यह मामला पिछले महीने का है. 25 वर्षीय ब्रिटिश महिला छुट्टियां मनाने के लिए दुबई गई थी जहां दो ब्रिटिश नागरिकों ने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया. उसने जब स्थानीय पुलिस से इसकी शिकायत की तो उस पर विवाहेतर यौन संबंध के अमीराती कानून तोड़ने का आरोप लगा दिया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों आरोपित ब्रिटिश नागरिक ब्रिटेन लौट आए.

खबरों के मुताबिक ब्रिटिश पर्यटक को जमानत मिल गई है, लेकिन उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है. इसका मतलब है कि उसे दुबई में रुककर मुकदमे का सामना करना होगा. अगर उसके खिलाफ आरोप साबित हो जाता है तो उसे कई साल की सजा या कठोर शारीरिक दंड या फिर मौत होने तक पत्थर मारे जाने की सजा मिल सकती है.

डीटेन्ड इन दुबई की निदेशक राधा स्टर्लिंग के मुताबिक दुबई में बलात्कार की पीड़िताओं को दंड देने का लंबा इतिहास रहा है. वे कहती हैं, 'पुलिस अक्सर सहमति से बनाए गए संबंध और बलात्कार जैसी हिंसक घटना में भेद नहीं कर पाती. पीड़ित इंसाफ की उम्मीद में उसके पास जाते हैं और इसके नतीजे में उल्टे उन्हें ही सजा मिल जाती है.'