दुनिया के 27 देशों की पेंशन व्यवस्थाओं की सूची में भारत का स्थान 25वां है. चर्चित मेलबॉर्न मेर्सर ग्लोबल पेंशन इंडेक्स (एमएमजीपीआई)- 2016 के मुताबिक इस सूची में डेनमार्क पहले स्थान पर है. उसके बाद नीदरलैंड्स और आस्ट्रेलिया हैं. यह सालाना इंडेक्स यानी सूचकांक अलग-अलग देशों की पेंशन व्यवस्थाओं के तुलनात्मक आकलन का पैमाना है. इसे 40 मानकों के आधार पर जारी किया जाता है.

हालांकि इस सूचकांक के मुताबिक इन सभी 27 देशों की पेंशन व्यवस्था देखें तो पिछले साल के मुकाबले बाकी देशों की तुलना में सबसे ज्यादा सुधार भारत में हुआ है. साल 2015 में भारत का इंडेक्स मान 40.3 था तो 2016 में यह आंकड़ा 43.4 हो गया है. इन 27 देशों में दुनिया की 60 फीसदी आबादी रहती है.

इस इंडेक्स के लिए सर्वे करने वाली संस्था मेर्सर के एक अधिकारी के मुताबिक भारत सरकार द्वारा शुरु की गई राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) कॉर्पोरेट सेक्टर के कर्मियों के बीच लोकप्रिय हो रही है. इस प्रणाली के तहत देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों सहित सभी नागरिकों को स्वैच्छिक आधार पर पेंशन योजना के दायरे में लाने की बात कही गई है. इसके अलावा रिपोर्ट में साल 2015 में शुरु की गई अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का भी जिक्र है. सर्वे के मुताबिक इस योजना के शुरु किए जाने के बाद असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के बीच पेंशन योजना का विस्तार देखने को मिला है.

मेर्सर की सर्वे रिपोर्ट में भारत की पेंशन व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं. इनमें अधिक से अधिक संख्या में असंगठित क्षेत्र के कर्मियों को पेंशन के दायरे में लाने, निजी क्षेत्र की पेंशन व्यवस्थाओं के लिए नियमन को बेहतर करने और सरकारी पेंशन योजनाओं को बेहतर ढंग से लोगों के बीच पहुंचाने जैसे सुझाव शामिल हैं.