अपनी चुनावी बयानबाजियों के चलते अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर संदेह के माहौल के बीच उनसे मुलाकात करने वाले जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने उन्हें भरोसेमंद नेता बताया है. न्यूयॉर्क में लगभग 90 मिनट की मुलाकात के बाद अबे ने कहा, ‘मेरा मानना है कि बगैर भरोसे के दो देशों की साझेदारी भविष्य में बहुत दिन तक नहीं चल सकती. अब उनसे मुलाकात करने के बाद मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि ट्रंप एक ऐसे नेता हैं, जिन पर भरोसा किया जा सकता है.’ उधर, ट्रंप ने इस मुलाकात को एक बेहतर दोस्ती की शुरुआत बताया है.

खबरों के अनुसार अबे की ट्रंप से मुलाकात की वजह चुनाव के दौरान उनकी बयानबाजियां हैं, जिनकी वजह से जापान आशंकित है. चुनाव के दौरान ट्रंप ने कहा था कि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों को अमेरिकी सैनिकों को अपनी जमीन पर रखने के एवज में और ज्यादा भुगतान करना चाहिए. इसके अलावा ट्रंप 12 देशों के बीच हुई ट्रांस पैसिफिक साझेदारी को खत्म करने की बात कह चुके हैं जबकि जापान प्रशांत महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव का सामना करने के लिए इसे जरूरी मानता है. यानी अगर ट्रंप की नीतियों में उनके बयानों का असर आया तो जापान के हित सीधे तौर पर प्रभावित होंगे.

अभी दक्षिण कोरिया अमेरिकी सैनिकों को रखने के एवज में अमेरिका को सालाना 80 करोड़ डॉलर और सैन्य ठिकानों को स्थानांतरित करने के लिए 9.7 अरब डॉलर देता है. इसी तरह जापान भी उसे सालाना दो अरब डॉलर का भुगतान करता है. चुनाव के दौरान ट्रंप ने जापान और दक्षिण कोरिया को अमेरिका पर निर्भर रहने के बजाय अपने परमाणु हथियार हासिल करने की सलाह दी थी, जिससे पूर्वोत्तर एशिया में परमाणु हथियारों की होड़ शुरू करने का खतरा है.