इराक के मोसुल में चौतरफा घिर चुके आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) दूसरे इलाकों में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा है. इसी क्रम में उसने गुरुवार को पवित्र शहर कर्बला से लौट रहे शिया तीर्थयात्रियों को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया. अलजजीरा के मुताबिक बगदाद से 100 किमी दूर हिल्ला शहर में एक पेट्रोप पंप पर हुए इस आत्मघाती हमले में कम से कम 100 लोग मारे गए हैं.

सुन्नी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ऑनलाइन बयान जारी करके हमले की जिम्मेदारी ली है. रिपोर्ट के अनुसार आतंकियों ने विस्फोटक से भरा एक टैंकर पेट्रोल पंप से टकरा दिया, जिससे हुए भीषण विस्फोट की चपेट में उसके परिसर में बना रेस्टोरेंट और तीर्थयात्रियों की पांच बसें आ गईं. बगदाद के ज्वाइंट ऑपरेशन कमांड के बयान में कहा गया है कि इस टैंकर में 500 लीटर अमोनियम नाइट्रेट भरा था, जो विस्फोटकों में इस्तेमाल किया जाता है. रॉयटर्स के मुताबिक मारे गए तीर्थयात्रियों में ईरानी नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा है.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की है और इस्लामिक स्टेट के खात्मे के लिए इराक का साथ देने की बात दोहराई है. उधर, अमेरिका ने भी हमले की निंदा की है. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन कर्बी ने कहा कि उनका विभाग इराकी अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है.

हाल के महीनों में आईएस ने इराक में अपने प्रभाव क्षेत्र से बाहर हमले तेज कर दिए हैं. इन हमलों को मोसुल को आईएस के कब्जे से आजाद कराने की कार्रवाई की प्रतिक्रिया माना जा रहा है. इराकी सेना के नेतृत्व में यह अभियान 17 अक्टूबर से चल रहा है.