अपनी जमीन पर आतंकियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान एक बार फिर खुद ही आतंकी हमले का शिकार हुआ है. शनिवार की सुबह चार आत्मघाती हमलावरों ने अफगान सीमा पर सेना के मुख्यालय को निशाना बनाकर हमला किया. यह हमला मोहमंद एजेंसी जिले के घालानई में मोहमंद राइफल्स के मुख्यालय किया गया. स्थानीय अखबार डॉन के मुताबिक आतंकियों ने मुख्यालय में बनी मस्जिद में घुसने की कोशिश की, जहां सुबह की नमाज के लिए सैनिकों के साथ आम नागरिक भी जमा थे.

इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार नाम के आतंकी संगठन ने ली है. खबरों के मुताबिक सभी हमलावरों ने विस्फोटकों से बनी आत्मघाती बेल्ट पहन रखी थी. पाकिस्तान में सुरक्षा प्रतिष्ठानों की जनसंपर्क एजेंसी इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) से जारी बयान में कहा गया है कि सैनिकों ने जब आतंकियों की घेराबंदी की तो चार में से दो आतंकियों ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया, जबकि दो आतंकी सैनिकों की गोली से मारे गए.

आईएसपीआर के डीजी असीम बाजवा ने इस हमले में फ्रंटियर कॉर्प के दो सैनिकों के मारे जाने और कम से कम 14 अन्य के घायल होने की जानकारी दी. मोहमंद एजेंसी पाकिस्तान के उन जनजातीय इलाकों में शामिल है, जहां पाकिस्तानी सेना लगभग एक दशक से अल-कायदा और तालिबान से जुड़े आतंकियों से लड़ रही है.

पाकिस्तानी सेना ने जून 2014 से जनजातीय इलाकों से आतंकियों को खदेड़ने के लिए ‘जर्ब-ए-अज्ब’ अभियान शुरू किया है. इससे यहां की सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार आया है. हालांकि, कुछ अधिकारियों का कहना है कि अफगानिस्तान सीमा से घुसपैठ करने वाले आतंकी कई बार हमले करने में सफल हो जाते हैं. इसी साल सितंबर में आतंकियों ने जुमे की नमाज के समय एक मस्जिद में हमला किया था, जिसमें 24 लोग मारे गए थे.