पंजाब के पटियाला स्थित नाभा जेल से एक खालिस्तानी आतंकी सहित छह खूंखार कैदियों को छुड़ा ले जाने की खबर को आज सभी अखबारों ने मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. खबर के मुताबिक इस घटना को हथियारबंद हमलावरों ने अंजाम दिया. पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कैराना से हमले में शामिल परमिंदर नाम के शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सोमवार को भारत बंद बुलाए जाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधने की खबर भी अखबारों ने प्रमुखता से छापी है.

स्विस बैंकों में भारतीय खातों के बारे में जांच तेज

केंद्र सरकार ने स्विस बैंकों में भारतीयों के खातों के संबंध में जांच तेज कर दी है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक भारत ने स्विट्जरलैण्ड सरकार को प्रशासनिक सहयोग के लिए 20 अनुरोध भेजे हैं. इनमें कर चोरी की जांच करने के लिए स्विस बैंकों में खाताधारकों की जानकारी मांगी गई है.

अखबार के मुताबिक भारत ने स्विट्जलैण्ड से संदिग्ध व्यापारियों सहित नौकरशाहों के पारिवारिक सदस्यों की जानकारी भी मांगी है. इनमें से कई ने अपने स्विस बैंक खाते पनामा और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में फर्जी कंपनियों के जरिये बना रखे हैं. खबर के मुताबिक बीते महीने इस कार्रवाई के तहत पांच भारतीयों के खिलाफ नोटिस जारी किया जा चुका है.

18 बड़ी दवा कंपनियों की 27 दवाइयां गुणवत्ता के मामले में विफल

देश के सात राज्यों की दवा नियामक संस्थाओं ने 18 बड़ी कंपनियों की 27 दवाइयों की गुणवत्ता को मानक स्तर से कमतर आंका है. इन राज्यों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल,गोवा, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश शामिल है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों में एबॉट इंडिया, जीएसके इंडिया, सन फार्मा, सिप्ला और ग्लेनमार्क फार्मा शामिल हैं. दवा क्षेत्र में अलग-अलग वर्गों में शीर्ष आठ कंपनियों की हिस्सेदारी 47 से 92 फीसदी तक है.

अखबार के मुताबिक इन 18 कंपनियों में से दो ने मानक स्तर पर विफल हो चुकी दवाइयों की बिक्री रोकने की बात कही है. इसके अलावा एक बाजार से दवाइयों को वापस मंगाने के लिए तैयार है. खबर के मुताबिक आठ कंपनियों ने अपनी सफाई में कहा है कि दवाइयों के नमूने अनाधिकारिक वितरकों के पास से लिए गए थे.

राजनीति में अपराधीकरण और पारदर्शिता के बिना चुनावी फंडिंग का सीमित परिणाम : चुनाव आयोग

लोकसभा और विधानसभा चुनावों में राजनीतिक पार्टियों को सरकारी फंड दिए जाने को चुनाव आयोग और विधि आयोग ने सीमित नतीजे देने वाला बताया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. खबर के मुताबिक चुनाव आयोग ने कहा है कि राजनीति के अपराधीकरण और पार्टियों में पारदर्शिता के अभाव में यह प्रभावी नहीं होगा. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के बाद चुनावों के लिए सरकारी फंडिंग की बात कही थी.

चुनाव आयोग के मुताबिक चुनावी फंडिंग का तभी कई मतलब बनता है जब राजनीति में अपराधीकरण को खत्म किया जाए. इसके अलावा पार्टियां अपने अंदर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करें और फंडिंग पर पारदर्शिता अपनाएं. इससे पहले विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट में चुनावों में सरकारी फंडिंग किए जाने की सिफारिश की गई थी.

रेल टिकट आरक्षण फॉर्म में ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता

भारतीय रेलवे ने टिकट आरक्षण और रदद् कराने वाले फॉर्म में ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में शामिल किया है. जनसत्ता की खबर के मुताबिक यह सुविधा ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन (आईआरसीटीसी) भी उपलब्ध होगी. रेल मंत्रालय ने यह फैसला एक आवेदन के आधार पर लिया है.

खबर के मुताबिक बीते फरवरी में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस संबंध में याचिकाकर्ता से संबंधित मंत्रालय से संपर्क करने के लिए कहा था. ट्रांसजेंडरों के संबंध में अपने एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान और संसद द्वारा बनाए गए कानून के तहत इन्हें तीसरे लिंग के रूप में मान्यता देने के लिए निर्देश दिया था.

पेटीएम के चीन की अलीबाबा के साथ संबंध पर संघ की नजर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आर्थिक संस्था स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने पेटीएम के चीनी कंपनी अलीबाबा समूह से संबंध के बारे में पड़ताल करने की बात कही है. एसजेएम ने पिछले दिनों देश में चीन में निर्मित वस्तुओं के बहिष्कार किए जाने का अभियान चलाया था. द इकनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक सरकार के नोटबंदी के फैसले का सबसे ज्यादा लाभ हासिल करने वाली कंपनियों में पेटीएम शामिल है.

एसजेएम के सह-संयोजक अश्वनी महाजन ने बताया कि कई रिपोर्टों से हमें पेटीएम में चीनी कंपनी के शेयर होने की जानकारी मिली है. अखबार के मुताबिक उनका कहना था, 'हम कैशलेस ट्रांजेक्शन के दौर में भारतीयों के निजी डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं. कोई कंपनी इसकी जानकारी विदेशी कंपनियों के साथ साझा नहीं कर सकती.' दूसरी ओर पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा है कि यह मारुति की तरह पूरी तरह से भारतीय कंपनी है.