‘नीतीश अगर लालू और कांग्रेस के साथ रहेंगे तो निश्चित तौर पर उनकी राजनीतिक हत्या हो जाएगी.’

— सुशील कुमार मोदी, भाजपा नेता

सुशील मोदी का यह बयान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस टिप्पणी पर आया जिसमें उन्होंने नोटबंदी के समर्थन को भाजपा से नजदीकी साबित करने की बातों को अपनी राजनीतिक हत्या की कोशिश बताया था. इसके बावजूद सुशील मोदी ने उन्हें राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर विचार करने की सलाह दे डाली. उन्होंने कहा कि राजद भ्रष्टाचार के लिए चर्चित है जबकि कांग्रेस का शासन घोटालों से भरा हुआ है. सुशील मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों दलों के साथ गठबंधन के दबाव में ही भ्रष्टाचार साबित होने पर संपत्ति जब्त करने के प्रावधान को कमजोर किया गया है.

‘पाकिस्तान लगातार हमले कर रहा है और हम अभी तक सर्जिकल स्ट्राइक का ढिंढोरा पीट रहे हैं.’

— संजय राउत, शिवसेना नेता

राउत का यह बयान मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में दो जगहों पर हुए आतंकी हमले को लेकर आया. उन्होंने कहा कि एक सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान को सबक नहीं सिखाया जा सकता. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान पर तंज कसते हुए राउत ने कहा, 'प्रधानमंत्री को रक्षा मंत्री से कहना चाहिए कि जाओ और पाकिस्तान की आंख निकालकर लाओ.' शनिवार को पर्रिकर ने गोवा में कहा था कि अगर किसी ने देश पर बुरी नजर डाली तो हम उसकी आंख निकालकर उसके हाथ में दे देंगे. राउत ने पाकिस्तानी उच्चायोग पर भारत की जमीन से कश्मीरी आतंकियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.


‘बसपा और सपा से जो लोग भाजपा में आए हैं, उन्हें टिकट मिलना कतई जरूरी नहीं है.’

— केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष

मौर्य का यह बयान बाहरी नेताओं के आने से पार्टी कार्यकर्ताओं में बढ़ रही आशंका को लेकर आया. समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि दूसरी पार्टी के लोग भाजपा की नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं और उनसे टिकट देने जैसा कोई वादा नहीं किया गया है. मौर्य ने किसी भी कीमत पर अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं का सम्मान बचाए रखने का वादा किया. उन्होंने कहा कि भाजपा में ही सच्चा लोकतंत्र है जहां विधायक का बेटा विधायक और सांसद का बेटा सांसद बनने की उम्मीद नहीं कर सकता है.


‘पाकिस्तान के साथ बात न करना आतंकियों की योजना को सफल बनाना है.’

— शिव शंकर मेनन, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

मेनन ने यह बात अपनी किताब 'च्वाइसेज - इनसाइड द मेकिंग ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी' के विमोचन से पहले कही. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सामने अपने मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के अलावा कोई विकल्प नहीं है. मेनन के मुताबिक बातचीत करने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आतंकवाद पर काबू पाने के दूसरे उपाय नहीं अपनाए जा सकते. पूर्व सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की उपयोगिता बहुत सीमित है, क्योंकि इससे पाकिस्तानी सेना, आईएसआई या जेहादियों के दिमाग में कोई बदलाव नहीं आता है और न ही उनके ढांचे पर कोई असर पड़ता है.


‘अगर नेताओं-अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे तो स्कूलों पर बोझ बढ़ जाएगा.’

— शिवराज सिंह चौहान, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री

शिवराज सिंह चौहान का यह बयान प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में आया. उनसे पूछा गया था कि राजनेताओं और अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं जाते और वे सरकारी अस्पतालों में इलाज क्यों नहीं कराते हैं. हालांकि, अपनी गलती का अहसास होते ही मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधारने का वादा करके बात संभालने की कोशिश की. शिक्षकविहीन स्कूलों की बात को खारिज करते हुए उन्होंने माना कि राज्य में कई स्कूल केवल एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं.


‘रूस से प्रतिबंध हटाने से यूक्रेन संकट समाप्त करने की कोशिशें कमजोर हो जाएंगी.’

— जीन मार्क एरॉल्ट, फ्रांस के विदेश मंत्री

एरॉल्ट का यह बयान पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष विराम के समझौते को लेकर मिंस्क में आयोजित बैठक से ठीक पहले आया. उन्होंने कहा कि रूस से प्रतिबंध हटाने का फैसला उन लोगों की जीत होगी, जिन्होंने यूक्रेन की सुरक्षा को जोखिम में डाला है. फ्रांस में रूस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की आवाजें उठ रही हैं. ऐसी मांग करने वालों में राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल फ्रेंकोइस फिलन का भी नाम शामिल है. हालांकि, एरॉल्ट ने रूस के साथ संघर्ष विराम समझौते को रणनीतिक तौर पर जरूरी बताया. इस समझौते में रूस, यूक्रेन, फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं.