पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग से जुड़ी खबरें आज कई अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर हैं. खबरों के मुताबिक नागरिक विमानन मंत्रालय ने इसकी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. तृणमूल पार्टी के सांसदों के मुताबिक एक षड़यंत्र के तहत ममता बनर्जी की जान खतरे में डाली गई थी. इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा ‘फिक्स्ड डोज कॉम्बीनेशन’ (एफडीसी) दवाओं पर प्रतिबंध लगाने वाली केंद्र सरकार की अधिसूचना को खारिज करने की खबर भी अखबारों ने प्रमुखता से छापी है.

हर पांच में से दो भारतीय प्रवासी : जनगणना 2011 रिपोर्ट

देश के अंदर प्रवासियों की संख्या 45 करोड़ से अधिक है, यानी हर पांच में से दो लोग प्रवासी हैं. ये बातें गुरुवार को जारी प्रवासी जनगणना 2011 की रिपोर्ट में कही गई हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक साल 2001 से 2011 के दौरान इस संख्या में 13 करोड़ 90 लाख की बढ़ोतरी हुई.

जनगणना रिपोर्ट के मुताबिक प्रवासियों में सबसे अधिक संख्या (69 फीसदी) महिलाओं की है जो शादी के बाद अपनी ससुराल या पति के साथ दूसरी जगह प्रवास करती हैं. एक गांव से दूसरे गांव में प्रवास करने वाले लोगों की संख्या करीब 50 फीसदी, गांव से शहर जाने वालों की 18 फीसदी और शहर से शहर जाने वालों की 17 फीसदी है. इसके अलावा शहर से गांव में प्रवास करने वालों की संख्या पांच फीसदी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि काम की तलाश में पलायन करने वाले लोगों की संख्या 10 फीसदी है. यह आंकड़ा साल 2001 में 15 फीसदी था. इसके अलावा शिक्षा के लिए दूसरी जगहों पर जाने वालों की संख्या में कमी आई है. 2001 में जहां यह आंकड़ा तीन फीसदी था, वहीं 2011 में यह घटकर दो फीसदी रह गया.

जीएसटी लागू होने की राह में संकट

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े विधेयकों को संसद के शीतकालीन सत्र में लाने की मोदी सरकार की योजना खटाई में पड़ सकती है. इसकी वजह नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला नकारात्मक असर बताया जा रहा है. बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. खबर के मुताबिक शुक्रवार को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में केरल और पश्चिम बंगाल इसका विरोध कर सकते हैं. इसके अलावा इस पर कांग्रेस शासित राज्य भी ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपना सकते हैं.

मोदी सरकार के पास इन विरोधों को देखते हुए इसे धन विधेयक के तौर पर लोकसभा में रखने का विकल्प है. हालांकि सरकार के अंदर भी कइयों का मानना है कि अगले साल एक अप्रैल से इसे लागू करना सही नहीं होगा. उनके मुताबिक अर्थव्यवस्था पर दोहरी मार पड़ सकती है.

सरकार की आधार कार्ड के आधार पर लेन-देन को बढ़ावा देने की योजना

सरकार नोटबंदी के बाद नकदी के संकट को देखते हुए कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है. इसके लिए सभी तरह के लेन-देन में आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की योजना बन रही है. हिन्दुस्तान के मुताबिक आधार के जरिए सरकार की बायोमैट्रिक प्रमाणन क्षमता को बढ़ाकर 40 करोड़ रोजाना करने की योजना है.

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडे ने बताया कि लेन-देन के इस तरीके के बारे में लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जाएगी. इसके अलावा सरकार एक मोबाइल ऐप बनाने पर काम कर रही है. इस ऐप के जरिए दुकानदार और कारोबारी आधार आधारित भुगतान की सुविधा का इस्तेमाल कर पाएंगे.

आतंकवाद जारी रहने के माहौल में पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं : विदेश मंत्रालय

भारत ने आतंकवाद जारी रहने के माहौल में पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया. पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के नगरोटा में सेना पर हुए हमले के बाद भारत ने और भी सख्त रुख अपना लिया है. जनसत्ता में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक सरकार नगरोटा हमले के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रही है. इसके बाद ही आगे कोई कदम उठाने पर विचार किया जाएगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया, ‘सरकार ने इस हमले को बहुत गम्भीरता से लिया है. हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जो भी जरुरी होगा, किया जाएगा.’ उन्होंने पंजाब के अमृतसर में आयोजित होने वाले हॉर्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के इतर पाकिस्तान के साथ बातचीत के किसी प्रस्ताव के मिलने से इनकार किया.

लिव इन में रहने पर शादीशुदा महिला को कोई कानूनी संरक्षण नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को किसी शादीशुदा महिला के किसी अविवाहित पुरुष के साथ लिव इन रिलेशन में रहने पर उसे किसी तरह का कानूनी संरक्षण देने से इनकार कर दिया. हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के मुताबिक अदालत ने इस तरह के संबंध को गलत बताया. हाईकोर्ट ने एक याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है. याचिकाकर्ता महिला ने अपने लिव इन पार्टनर के साथ कानूनी सुरक्षा की मांग की थी.

अदालत ने कहा कि महिला याचिकाकर्ता शादीशुदा हैं. इसके अलावा इनके लिव इन पार्टनर जो मामले में दूसरे याचिकाकर्ता हैं, इन्हें महिला के शादीशुदा होने के बारे में जानकारी है. इस तरह के गलत संबंधों के आधार पर पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है.