तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘वरदा’ के कहर से जुड़ी खबरों को आज कई अखबारों ने तस्वीरों के साथ मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. अलग-अलग अखबारों ने इस तूफान की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या चार से लेकर 10 तक बताई हैं. खबर के मुताबिक 110 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. इसके अलावा सायरस मिस्त्री को टाटा इंडस्ट्रीज के निदेशक पद से हटाए जाने और पांच मैचों की टेस्ट सीरिज में टीम इंडिया की इंग्लैंड पर 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करने की खबर भी अखबारों ने प्रमुखता से छापी है.

नोटबंदी : मनरेगा के तहत काम पाने वाले लोगों की संख्या में भारी कमी

नोटबंदी का असर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना मनरेगा पर भी दिखना शुरु हो गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक योजना के तहत काम पाने वाले लोगों की संख्या में अक्टूबर की तुलना में पिछले महीने 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले साल से तुलना करें तो नवंबर महीने में मनरेगा के तहत काम पाने वाले लोगों की संख्या में 55 फीसदी की भारी गिरावट देखी गई. नवंबर में मनरेगा के तहत का चाहने पर भी खाली हाथ रह जाने वालों का आंकड़ा 23.4 लाख तक पहुंच गया. इससे पिछले महीने यह संख्या करीब आधी थी.

अखबार से बात करते हुए झारखंड में पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक 20 वर्षीय महिला बताती हैं, ‘फिलहाल हमलोग 50 रुपये दिहाड़ी पर काम करने के लिए मजबूर हैं. कभी- कभी तो काम मिलने के इंतजार में ही दिन गुजर जाता है.’ वे आगे बताती हैं कि यदि मनरेगा के तहत उन्हें काम दिया जाता तो इससे बड़ी राहत मिलती. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक व्यक्ति का कहना है कि नोटबंदी के बाद शुरूआत में तो उन्होंने उधार किसी तरह घर चलाया लेकिन अब हालात काफी खराब हो गए हैं.

भारतीय बाजार को लेकर आशंकित विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर पैसे की निकासी

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना और देश में नोटबंदी को लेकर आशंकित विदेशी निवेशक (एफआईआई) भारतीय ऋण बाजार से पैसे की निकासी कर रहे हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी निवेशकों को लगता है कि भारत में अगले कुछ समय बाद ब्याज दरों में कमी की जा सकती है. इससे भारत और अमेरिका की ब्याज दरों में काफी कम अंतर रह जाएगा.

अखबार के मुताबिक एफआईआई ने साल 2013 के बाद सबसे ज्यादा बिकवाली की है. उस समय फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति में नरमी लाने के संकेत दिए जाने के बाद एफआईआई ने भारतीय बाजार से करीब 51 हजार करोड़ रुपये की निकासी की थी. 2016 में अभी तक यह आंकड़ा करीब 43 हजार करोड़ रु तक पहुंच गया है. पिछले साल इन निवेशकों ने 47,921 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की थी.

राष्ट्रगान के समय खड़े न होने पर लोगों के साथ बुरा बर्ताव, पुलिस ने पीड़ितों के खिलाफ मामला दर्ज किया

केरल में दो महिलाओं समेत 12 लोगों को राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं होने पर हिरासत में लिया गया है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तिरूवनंतपुरम में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल में हुई. इससे पहले चेन्नई में भी एक भीड़ ने इस मुद्दे को लेकर आठ लोगों के साथ मारपीट की. इनमें तीन महिलाएं भी थीं.

अखबार के मुताबिक इन आठ लोगों पर द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट (1971) के तहत मामला दर्ज किया गया है. दूसरी ओर, केरल में 12 लोगों पर आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया. स्थानीय प्रशासन ने बताया कि फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों द्वारा इस संबंध में किसी तरह की शिकायत नहीं किए जाने के बाद इन लोगों पर राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के तहत मामला दर्ज नहीं किया गया.

आपराधिक छवि वाले नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने पर विचार

आने वाले समय में आपराधिक छवि वाले नेताओं पर चुनाव में लड़ने पर रोक लग सकती है. जनसत्ता में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक मोदी सरकार इस संबंध में विधि आयोग की सिफारिशों को लागू करने की तैयारी में है. कानून मंत्रालय ने इस संबंध में सभी विभागों को सर्कुलर जारी किया है.

खबर के मुताबिक विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि जिन नेताओं के खिलाफ ऐसे मामलों में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है जिनमें पांच साल तक सजा का प्रावधान है उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें गठित किए जाने की बात भी कही गई है. इन अदातों से सजा पाने यदि ऊपरी अदालत से बरी हो जाते हैं तो भी उनके चुनाव लड़ने, राजनीतिक पार्टी बनाने और किसी पार्टी में पदाधिकारी बनने पर हमेशा के लिए रोक लगाने की बात कही गई है.