‘राहुल गांधी जितना ज्यादा बोलेंगे, कांग्रेस उतनी ज्यादा बेनकाब होती जाएगी.’

— प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री

जावड़ेकर का यह बयान लोकसभा में नोटबंदी के मुद्दे पर न बोलने देने के राहुल गांधी के आरोप को खारिज करते हुए आया. उन्होंने कहा कि सरकार तो नोटबंदी पर बहस कराना चाहती है, लेकिन कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल उसमें बाधा पैदा कर रहे हैं. नोटबंदी पर बहस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की विपक्ष की मांग पर तंज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हो सकता है कि आगे चलकर यह भी मांग होने लगे कि प्रधानमंत्री को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों जगह एक साथ मौजूद रहना चाहिए.’ जावड़ेकर ने इस बात को खारिज किया कि नोटबंदी का फैसला उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया था.

‘जो लोग खबरें प्लांट करवा रहे हैं, वे हमारे यहां आएंगे तो जूते खाएंगे.’

— किरण रिजिजू, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री

रिजिजू ने यह बात अरुणाचल प्रदेश में हाइड्रो पावर प्लांट से जुड़े कथित घोटाले में अपना नाम आने पर कही. स्थानीय ठेकेदार के आग्रह पर ऊर्जा मंत्रालय को चिट्ठी लिखने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या लोगों की सेवा करना घोटाला है. रिजिजू का कहना था कि उन्हें ऐसे किसी घोटाले की जानकारी नहीं है, अगर कोई घोटाला हुआ है तो उसकी गहराई से जांच कराई जानी चाहिए. नॉर्थ ईस्ट इलेक्ट्रिक पॉवर कॉर्पोरेशन के मुख्य सतर्कता अधिकारी सतीश वर्मा ने अपनी रिपोर्ट में रिजिजू सहित कई लोगों पर 450 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है. 129 पन्नों की यह रिपोर्ट इस साल जुलाई में सीबीआई, सीवीसी (मुख्य सतर्कता आयुक्त) और केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को सौंपी गई थी.


‘कांग्रेस मोदी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाए गए कदमों से परेशान है.’

— अरुण जेटली, वित्त मंत्री

जेटली का यह बयान पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के घोटालों के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आया. उन्होंने कहा कि 2002 से 2014 तक सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने काले धन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसकी सरकार का पूरा कार्यकाल 2जी और कोयला खनन जैसे घोटालों से भरा पड़ा है. जेटली के मुताबिक यूपीए सरकार के दौरान बड़े नोट 36 फीसदी से बढ़कर 85 फीसदी हो गए, इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए मोदी सरकार ने नोटबंदी का कदम उठाया है. वित्त मंत्री ने नोटबंदी और कैशलेस अर्थव्यवस्था से भविष्य में टैक्सचोरी व भ्रष्टाचार में कमी आने की उम्मीद जताई है.


‘प्रधानमंत्री कैशलेस सोसायटी की बात करते हैं जबकि सोसायटी नोटबंदी की वजह से पहले ही कैशलेस हो चुकी है.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात ग्रेटर नोएडा की दादरी अनाज मंडी में किसानों से बात करते हुए कही. नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बार-बार बयान बदलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले काला धन और आतंकवाद रोकने की बात की और बाद में कैशलेस सोसायटी की चर्चा करने लगे. कांग्रेस उपाध्यक्ष के मुताबिक नोटबंदी का असल मकसद बैकों के पास पर्याप्त धन जमा कराना है, ताकि वे (प्रधानमंत्री मोदी) उन उद्योगपतियों का कर्ज माफ करा सकें, जिन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया है. नोटबंदी को गरीबों के साथ धोखा बताते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि बैंकों और एटीएम के बाहर एक भी अमीर कतारों में खड़ा नहीं मिलेगा.


‘संयुक्त राष्ट्र को प्रक्रिया से ज्यादा समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना होगा.’

— एंटोनियो गुटेरेस, संयुक्त राष्ट्र के नए महासचिव

एंटोनियो गुटेरेस का यह बयान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद की शपथ लेने के बाद आया. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को चुस्त-दुरुस्त और प्रभावी बनाना होगा और दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सुधार की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाना होगा. गुटेरेस ने पुराने विवादों को निपटाने में व्यक्तिगत स्तर पर ध्यान देने की बात कही. सोमवार को संयुक्त राष्ट्र आम सभा के अध्यक्ष पीटर थॉमसन ने उन्हें पद की शपथ दिलाई. गुटेरेस अगले साल एक जनवरी से कामकाज संभालेंगे. मौजूदा महासचिव बान की बून का कार्यकाल इसी महीने 30 तारीख को खत्म हो रहा है.