‘सदन में केवल शोक संदेश पढ़ने के समय ही शांति रही.’

— हामिद अंसारी, उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का यह बयान शीतकालीन सत्र में हंगामे को लेकर आया. उन्होंने सदन के सभी पक्षों पर नारेबाजी करने, पोस्टर लहराने और अपनी तय जगह छोड़कर कार्यवाही में बाधा डालने पर रोक लगाने वाले नियमों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. उपराष्ट्रपति ने सभी सांसदों से कहा कि उन्हें असहमति, व्यवधान और प्रदर्शन के बीच का अंतर समझने के लिए आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. सभापति के मुताबिक सदन में हंगामे की वजह से सांसदों को लोकमहत्व के मुद्दों पर सवालों या चर्चाओं के जरिए सरकार की जवाबदेही तय करने का मौका नहीं मिल पाया.

‘काला धन कितना है, इसका आधिकारिक आंकड़ा न तो आठ नवंबर के पहले था और न अब है.’

— अरुण जेटली, वित्त मंत्री

अरुण जेटली का यह बयान लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में आया. उन्होंने बताया कि अप्रैल 2014 से नवंबर 2016 के बीच आयकर विभाग के सर्वेक्षण में 1356 समूहों ने 31,277 करोड़ रुपये की अघोषित आय को स्वीकार किया है. इसके अलावा 2,164 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति जब्त की गई है. वित्त मंत्री के मुताबिक इसी अवधि में 14,044 आयकर सर्वेक्षणों में 30,492 करोड़ रुपये की अघोषित आय भी सामने आई है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेशों में जमा काले धन की घोषणा से जुड़ी योजना के तहत सरकार को कर व जुर्माने के रूप में 2,476 करोड़ रुपये मिले हैं.


‘नोटबंदी का मतलब गरीबों से पैसा खींचो और अमीरों को सींचो है’

— राहुल गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष

राहुल गांधी का यह बयान गोवा में एक चुनावी रैली के दौरान नोटबंदी को काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ नाटक बताते हुए आया. उन्होंने कहा कि नोटबंदी देश के 99 फीसदी ईमानदारों, नकदी अर्थव्यवस्था और कमजोर लोगों पर हमला है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ढाई साल के शासन में अमीरों का 1,10,000 करोड़ रुपये का कर्ज और नोटबंदी के बाद विजय माल्या का 1200 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है. कैशलेस योजना की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इसके जरिए प्रत्येक लेन-देन पर पांच से छह फीसदी पैसा गायब हो जाता है और एक फीसदी अमीरों के हिस्से में चला जाता है.


‘राज्यपाल के लिए अलग से कुर्सी रखने की जरूरत नहीं है.’

— पी सदाशिवम, केरल के राज्यपाल

राज्यपाल सदाशिवम ने यह बाद एर्नाकुलम प्रेस क्लब के गोल्डन जुबली कार्यक्रम में अपने लिए अलग से कुर्सी रखे जाने को लेकर कही. उन्होंने राज्यपाल के लिए ‘महामहिम’ संबोधन को औपनिवेशिक दौर का प्रचलन बताया. उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में ऐसे संबोधन की कोई जरूरत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस ने बताया कि जब वे केरल के राज्यपाल बने तो उन्होंने सभी लोगों को अपने लिए ‘महामहिम’ संबोधन इस्तेमाल न करने के लिए कहा. 2012 में राष्ट्रपति बनने के बाद प्रणव मुखर्जी ने भी राष्ट्रपति के लिए ‘महामहिम’ की जगह पर ‘माननीय राष्ट्रपति’ इस्तेमाल करने की व्यवस्था दी थी.


‘अगला कदम पूरे सीरिया में पूर्ण संघर्ष विराम के समझौते तक पहुंचना है.’

— व्लादिमीर पुतिन, रूस के राष्ट्रपति

पुतिन का यह बयान सीरिया में तुर्की और रूस के सहयोग से शांति वार्ता के प्रयासों की चर्चा करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हम सीरिया में सभी पक्षों के प्रतिनिधियों से सक्रियता के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिसमें तुर्की मध्यस्थता कर रहा है.’ पुतिन ने सीरिया की संभावित शांति वार्ता में अमेरिका या संयुक्त राष्ट्र की भागीदारी से इंकार किया. उनका यह भी कहना था कि सीरिया की सरकार और विपक्षियों के सामने शांति वार्ता का प्रस्ताव भी रखा जा चुका है. पुतिन ने कहा कि संभावित वार्ता कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में होगी. रूस सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद सरकार का समर्थन कर रहा है, जबकि अमेरिका विद्रोही सैनिकों के साथ खड़ा है.