तिरुवनंतपुरम के अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 11 कार्यकर्ताओं को सीपीएम के एक कार्यकर्ता की हत्या के मामले में दोहरी उम्र कैद की सजा सुनाई है. अदालत ने इसके अलावा एक संघ कार्यकर्ता को आजीवन कारावास और एक अन्य को सबूत छिपाने का दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई है.

अप्रैल 2008 में केरल के कैथामुक्कू में पासपोर्ट ऑफिस के निकट सीपीएम के कार्यकर्ता विष्णु की कुछ लोगों ने तलवारों से हमला कर सरेआम हत्या कर दी थी. पुलिस ने इस मामले में संघ के 16 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था. बीते शुक्रवार को अदालत ने इनमें से 13 को विष्णु की हत्या का दोषी ठहराया था जबकि एक को सबूतों की कमी के कारण रिहा कर दिया था. इस मामले के अन्य दो आरोपितों में से एक फरार है जबकि एक की मौत हो चुकी है.

केरल के कन्नूर और तिरुवनंतपुरम जिलों के ग्रामीण इलाकों में संघ और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट या हिंसा आम बात है. आंकड़ों के मुताबिक बीते तीन दशकों में यहां हुए खूनी संघर्षों में दोनों पक्षों के 200 से ज्यादा कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं. केरल में इस साल हुए विधानसभा चुनाव से पहले भी इन पक्षों के बीच कई हिंसक झड़पें हुई थीं.