चंडीगढ़ में स्थानीय निकाय (नगर निगम) के चुनाव परिणाम पंजाब में सत्ताधारी अकाली दल और भाजपा के लिए राहत लेकर आए हैं. खबर के मुताबिक दोनों पार्टियों ने चुनाव में कुल 26 सीटों में से 20 पर कब्जा किया है. भाजपा ने अकेले ही 19 सीटों पर जीत दर्ज की है. दूसरी ओर, कांग्रेस को केवल चार सीटों से ही संतोष करना पड़ा. इस चुनाव परिणाम को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चंडीगढ़ से भाजपा सांसद किरण खेर ने इस परिणाम के लिए जनता का आभार जताया है.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चुनाव में कुल 59.54 फीसदी मतदान हुआ था. इसके साथ ही कुल 122 उम्मीदवारों में से 67 निर्दलीय थे. पिछला चुनाव देखें तो ये नतीजे कांग्रेस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं. पिछले चुनाव में भाजपा-अकाली दल ने 12 और कांग्रेस ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी. चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 36 सदस्य होते हैं. इनमें बाकी 10 सदस्यों में से नौ को नामित किया जाता है, जबकि स्थानीय सासंद पदेन सदस्य होते हैं.

राजनीतिक विश्लेषक अभी तक यह मानते रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में सत्तासीन बादल सरकार को जनता के सत्ता विरोधी रुख का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी ओर, भाजपा और कांग्रेस, दोनों के लिए आगामी चुनाव नोटबंदी के मुद्दे पर लिटमस टेस्ट माने जा रहे हैं. ऐसे में यह चुनाव परिणाम अकाली दल के साथ-साथ भाजपा के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. भाजपा इस परिणाम को नोटबंदी के फैसले पर जनता की रजामंदी से जोड़कर देख रही है. वहीं इसके साथ ही भाजपा ने पिछले दिनों गुजरात और महाराष्ट्र में हुए स्थानीय चुनावों में भारी सफलता हासिल की है. पार्टी ने इन चुनाव परिणामों को भी नोटबंदी पर जनता के समर्थन की तरह पेश किया था.