अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ताइवान का समर्थन करने के बाद से उसकी मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं. ताजा घटनाक्रम में पश्चिम अफ्रीकी देश साओ टोम एंड प्रिंसेप ने ताइवान से राजनयिक संबंध तोड़ लिया है. इसके साथ ही उसने ताइवान को चीन का हिस्सा मानने वाली ‘वन चाइना पॉलिसी’ को स्वीकार कर लिया है. चीन ने साओ टोम के इस कदम का स्वागत किया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन के कार्यालय से जारी बयान में चीन पर ‘वन चाइना पॉलिसी’ को आगे बढ़ाने के लिए साओ टोम के वित्तीय संकट का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है. इसमें यह भी कहा गया है कि चीन के इस कदम से दोनों देशों (चीन और ताइवान) के रिश्तों को सुधारने में कोई मदद नहीं मिलेगी. साओ टोम के अलग होने के बाद ताइवान के पास अब स्विटजरलैंड और ग्वाटेमाला सहित केवल 21 देशों का समर्थन बचा है.

इसी महीने की शुरुआत में ट्रंप ने ताइवान की राष्ट्रपति से फोन पर बात करके चीन और ताइवान के विवाद को चर्चा में ला दिया था. इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की चार दशक पुरानी ‘वन चाइना पॉलिसी’ की जरूरत पर भी सवाल उठाया था. इस पर चीन की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई थी, जबकि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रंप को इसके गंभीर परिणामों को लेकर सचेत किया था. चीन, ताइवान को अपना स्वायत्त राज्य मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर पेश करता है.