दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल नजीब जंग ने गुरूवार को अचानक केंद्र सरकार को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया. जंग नौ जुलाई 2013 से दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल थे. उन्होंने अपने इस्‍तीफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को धन्‍यवाद दिया है. साथ ही उन्‍होंने दिल्‍ली की जनता के सहयोग और प्रेम के लिए उसका आभार व्यक्त किया है. उन्‍होंने राष्ट्रपति शासन के समय को याद करते हुए कहा है कि यह दिल्ली की जनता ही थी जिसके कारण वे उस समय दिल्‍ली के प्रशासन को सुचारू रूप से चला सके.

गुरूवार को उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में जंग के इस्तीफे की जानकारी दी गई है. हालांकि, अभी तक इस्तीफे का कारण नहीं बताया गया है. खबरों के अनुसार जंग ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ने की बात कही है. वे दिल्ली के उपराज्यपाल बनने से पहले जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति थे. उपराज्यपाल के रूप में उनका अभी करीब डेढ़ साल का कार्यकाल बाकी था.

बीते कुछ समय के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर नजीब जंग और दिल्ली की आप सरकार का टकराव लगातार सुर्खियों का विषय बनता रहा. आप ने उन पर भाजपा के इशारे पर काम करने सहित कई तीखे आरोप लगाए. उनके अचानक इस्‍तीफे के बाद अब इस पद पर अगले नाम को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं. हालांकि एक वर्ग यह भी मान रहा है कि किसी और नाम का चयन होने तक सरकार नजीब जंग को ही कार्यवाहक उप-राज्‍यपाल बने रहने को कह सकती है.