‘कोई दस गज पीछे खड़ा है तो वह मुकाबला नहीं कर सकता. सबको एक लाइन में लाना होगा, फिर मुल्क तरक्की करेगा.’

— हामिद अंसारी, उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने यह बात अल्पसंख्यकों को सबके बराबर लाने पर जोर देते हुए कही. ‘तालीम और तरबियत’ विषय पर आयोजित एक व्याख्यान में उन्होंने कहा कि इसके जरिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ नारे को हकीकत में बदला जा सकता है. उपराष्ट्रपति ने कहा कि अल्पसंख्यकों को सरकार के सामने याचना नहीं करनी चाहिए बल्कि पूरे हक के साथ अपनी बात रखनी चाहिए. मुस्लिम समुदाय को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि समुदाय को शिक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि उसके यहां स्कूल छोड़ने की दर बहुत ज्यादा है.

‘हमें एक रुपया खर्च करने के लिए दस लोगों से पूछना पड़ता है.’

— अनुराग ठाकुर, बीसीसीआई अध्यक्ष

अनुराग ठाकुर का यह बयान क्रिकेट संस्थाओं में सुधार के लिए गठित लोढ़ा समिति के साथ उनके टकराव को लेकर आया. उन्होंने कहा, 'मौजूदा स्थिति खिलाड़ियों के लिए ठीक नहीं है, लेकिन हमें तीन जनवरी तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा.' अनुराग ठाकुर ने कहा कि बीसीसीआई ने सरकार से एक पैसे की मदद लिए बगैर अपना ढांचा खड़ा किया है, फिर भी कुछ पूर्व क्रिकेटर इसकी आलोचना करते हैं. ग्राम पंचायतों में एक लाख कोच नियुक्त न करने के सवाल पर बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि उनके (बीसीसीआई) पास काफी पैसा है, लेकिन वे इसे खर्च नहीं कर सकते.


‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को बर्बाद करना चाहते हैं.’

— अजित सिंह, राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष

अजित सिंह का यह बयान नोटबंदी के फैसले को किसान विरोधी करार देते हुए आया. मुजफ्फरनगर में आयोजित एक रैली में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर विदेशों में जमा काला धन वापस लाने का वादा पूरा न करने का आरोप लगाया. रालोद अध्यक्ष के मुताबिक गेहूं से आयात शुल्क हटाने का केंद्र सरकार का फैसला किसानों की बर्बादी की वजह बन जाएगा. अजित सिंह ने यह भी कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए किसानों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है. इस रैली को एनसीपी प्रमुख शरद पवार और जदयू नेता शरद यादव ने भी संबोधित किया.


‘भारतीय प्रबंधन संस्थान जैसी संस्थाओं की स्वायत्तता में जरा सी छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए.’

— कुमार मंगलम बिड़ला, आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन

बिड़ला का यह बयान प्रस्तावित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) विधेयक को लेकर आया. सरकार के इस कदम से इन शीर्ष प्रबंध संस्थानों की स्वायत्तता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. विधेयक के मसौदे को न देखने की बात करते हुए बिड़ला ने कहा कि ये संस्थान स्वायत्तता के माहौल में अपनी जरूरत के हिसाब से विकसित हुए हैं और यही इनकी सफलता की वजह भी है जिसमें कोई छेड़खानी नहीं होनी चाहिए. बिड़ला लार्सन एंड टर्बो के अध्यक्ष एएम नाइक के बाद आईआईएम-अहमदाबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष बने हैं. अपनी प्राथमिकता को लेकर बिड़ला ने कहा कि वे शिक्षा और उद्योग के बीच साझेदारी बढ़ाने पर जोर देंगे.


‘चीन की केंद्रीय सरकार हांगकांग की स्वतंत्रता से जुड़ी गतिविधियों को नियंत्रित करने के पक्ष में है.’

— शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति

शी जिनपिंग का यह बयान चीन के स्वायत्तशासी क्षेत्र हांगकांग में बढ़ती आजादी की मांग पर आया. हांग कांग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लियांग चुन यिंग के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि ‘वन कंट्री, टू सिस्टम’ के तहत चीन के शासन में आने के बाद हांग कांग की सफलता को सबने देखा है. चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि ‘वन कंट्री, टू सिस्टम’ एक नई व्यवस्था है जिसमें समस्याएं भी आ सकती हैं. स्वायत्तता की शर्त पर 1997 में हांग कांग ने चीन का शासन स्वीकार कर लिया था. हाल के दिनों में वहां स्वतंत्रता की बढ़ती मांग ने चीनी नेताओं की चिंता बढ़ा दी है.