नए साल के मौके पर मोदी सरकार ने बांग्लादेशियों के लिए वीजा प्रक्रिया को और सरल बनाने का फैसला किया है. बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने वीजा आवेदकों के लिए ई-टोकन की अनिवार्यता खत्म कर दी है. इससे बांग्लादेशियों को वीजा आवेदन के लिए भारतीय उच्चायोग में पहले से समय लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे अगले महीने की एक तारीख से लागू कर दिया जाएगा. भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने का मकसद दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाना है.

बांग्लादेश के स्थानीय अखबार ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक अब बांग्लादेशी नागरिक ट्रेन, हवाई जहाज या बस का कन्फर्म्ड टिकट दिखाकर भारतीय वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे. शर्त यह है कि यात्रा की तारीख वीजा आवेदन करने की तारीख के सात दिन के बाद और एक महीने के भीतर की हो. इसके अलावा बस का टिकट भारत-बांग्लादेश बस सेवा के लिए टिकट जारी करने वाले किसी अधिकृत एजेंट से जारी होना चाहिए.

रिपोर्ट के अनुसार मीरपुर स्थित भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (आईवीएसी) पर कन्फर्म्ड टिकट वाले आवेदकों और बुजुर्गों के लिए वाक-इन टूरिस्ट वीजा आवेदन सुविधा एक जनवरी से शुरू हो जाएगी. भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि अक्टूबर 2016 में बांग्लेदशी महिलाओं और उनके निकट संबंधियों के लिए शुरू की गई इस सुविधा का परिणाम सकारात्मक रहा है. वैसे भारतीय उच्चायोग भारतीय वीजा के लिए ई-टोकन के साथ आवेदन करने का विकल्प भी बनाए रखेगा.