जस्टिस जगदीश सिंह खेहर देश के 44वें मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं. बुधवार सुबह राष्‍ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई. तीन जनवरी को रिटायर हुए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने जगदीश सिंह खेहर को अपने उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र सरकार को उनके नाम की सिफारिश की गई थी.

जस्टिस खेहर सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के पहले प्रधान न्यायाधीश होंगे. उन्हें फरवरी 1999 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. 2008-09 में उन्होंने करीब एक साल तक इसी उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला. जस्टिस खेहर को नवंबर 2009 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय और इसके बाद अगस्त 2010 में कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

13 सितंबर 2011 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त गए खेहर के कई फैसले काफी चर्चा में रहे हैं. उनकी अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने ही न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़े विवादित राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) कानून को निरस्त करने फैसला सुनाया था. इसके अलावा वे उस पीठ की भी अध्यक्षता कर चुके हैं जिसने बीते जुलाई में अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस की बर्खास्त सरकार को बहाल कर दिया था.