दिल्ली में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री का बहुचर्चित टकराव नजीब जंग की विदाई के साथ थम गया है लेकिन, अब इसी तरह के एक टकराव की खबर पुडुचेरी से आ रही है. खबरों के मुताबिक पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी ने मुख्यमंत्री वी नारायणस्वामी के एक आदेश को रद्द कर नया विवाद खड़ा कर दिया है. नारायणस्वामी ने तीन जनवरी को एक आदेश जारी करते हुए कहा था कि किसी भी सरकारी काम के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. उनका तर्क था कि लगभग सभी सोशल साइटें विदेशों से संचालित की जाती हैं और ऐसे में कोई भी विदेशी ताकत आसानी से आधिकारिक जानकारियां चुरा सकती है जो ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (ओएसए) का सरासर उल्लघंन है.

वी नारायणस्वामी के इस आदेश को उपराज्यपाल किरण बेदी ने पलट दिया. उनकी दलील थी कि सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करने से पिछड़ने का खतरा है. उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद सोशल मीडिया को प्रमोट करने की बात करते हैं तो एक केन्द्रशासित प्रदेश में इस पर काम करने से कैसे रोका जा सकता है जहां की वे प्रशासक हैं.

खबरों के मुताबिक किरण बेदी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था जिसमें पुडुचेरी के सभी प्रमुख अधिकारियों को जोड़ा गया था. इस ग्रुप के माध्यम से किरण सीधे ही अधिकारियों की मॉनिटरिंग करती थीं. बेदी के कैबिनेट मंत्रिमंडल को दरकिनार कर प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे दिशा-निर्देश देने के कारण स्वामी नाराज चल रहे थे.

यह पहला मौका नहीं है जब पुडुचेरी में उपराज्यपाल किरण बेदी और मुख्यमंत्री नारायणस्वामी के बीच खटपट हुई है. इससे पहले भी 21 जून को योग दिवस के मौके पर नारायणस्वामी और उनका कोई भी मंत्री, किरण बेदी के कार्यक्रम में नहीं पहुंचा था.