अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्यूबा के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम उठा दिया है. ओबामा प्रशासन ने गुरुवार को क्यूबाई नागरिकों को एक विशेष छूट देने वाली आव्रजन नीति को खत्म करने का फैसला किया है. इसके तहत क्यूबाई नागरिकों को बगैर वीजा अमेरिका आने और यहां बसने की छूट दी जाती थी. अब क्यूबाई नागरिकों पर दूसरे विदेशी नागरिकों पर लागू होने वाले नियम लागू होंगे.

ओबामा प्रशासन का यह फैसला क्यूबा के साथ महीनों लंबी बातचीत के बाद आया है. इसमें अमेरिका से लौटने वाले क्यूबाई नागरिकों को वापस लेने का समझौता भी शामिल है. ओबामा प्रशासन ने इसकी घोषणा अचानक की है ताकि लोगों को समुद्र के रास्ते अमेरिका आने का मौका न मिल सके. 2014 में जब पहली बार यह संकेत मिले थे कि अमेरिका और क्यूबा के बीच रिश्तों की बहाली हो सकती है तो तभी से अमेरिका आने वाले क्यूबा के नागरिकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो गई थी. इन लोगों को लग रहा था कि विशेष छूट खत्म होने पर अमेरिका जाना मुश्किल हो जाएगा.

बराक ओबामा ने इस फैसले को दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. उन्होंने कहा कि इस बदलाव के बाद अमेरिका क्यूबाई नागरिकों का दूसरे देशों के नागरिकों की तरह स्वागत करता रहेगा. समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस के मुताबिक क्यूबा ने बराक ओबामा इस फैसले का स्वागत किया है.

1960 के दशक में शुरू की गई अमेरिका की यह नीति कैरेबियाई द्वीप के लाखों नागरिकों को अमेरिका आने के लिए आकर्षित करती थी. यही वजह थी कि क्यूबा इससे नाराज था. वह इस नीति को उसकी आर्थिक गतिविधियों के लिए नुकसानदेह और प्रतिभा पलायन को बढ़ावा देने वाली बताकर इसे खत्म करने की मांग कर रहा था. 1995 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने इस नीति में बदलाव किया था और समुद्र के रास्ते आने वाले क्यूबाई नागिरकों को पकड़े जाने पर वापस भेजने का फैसला किया था. इस नीति को 'वेट फुट, ड्राई फुट' नाम दिया गया था.