भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के मुताबिक, पिछले साल नवंबर के महीने में चार्टर्ड उड़ानों की तादाद में 12 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. जबकि इससे पहले इन कारोबारी उड़ानों में नवंबर के महीने में ही 2015 में 3.3 और 2014 में 7.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी.

यह तो हुई एक सूचना. अब दूसरी जानकारी. बीती आठ नवंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नोटबंदी का ऐलान किया, तो उसके दो हफ्ते बाद ही नगालैंड के दीमापुर हवाई अड्‌डे पर एक चार्टर्ड विमान उतरा. उसमें अवैध करार दिए जा चुके 500 और 1,000 के नोटों की शक्ल में 3.5 करोड़ रुपए थे.

क्या इन दोनों सूचनाओं का आपस में कोई संबंध हो सकता है? संभव है. कैसे? दरअसल, दीमापुर में हवाई अड्‌डे की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानों ने विशेष विमान से लाई गई 3.5 करोड़ रुपए की रकम को जब्त कर लिया था. इसकी जानकारी आयकर विभाग को भी दी. इसके बाद हुई जांच में पता चला कि यह विमान हरियाणा के हिसार से उड़ा था. इसके जरिए हरियाणा के ही एक कारोबारी ने अमरजीत सिंह नाम के व्यक्ति के जरिए अपनी काली कमाई दीमापुर भेजी थी. ताकि उसे वहां के राजनेता अनातो झिमोमी के खाते में जमा कराकर सफेद किया जा सके. चूंकि उत्तर-पूर्व के लोगों को किसी भी स्रोत से हुई आमदनी पर आयकर नहीं लगता, अनातो इसी की आड़ में कुछ फीसद कमीशन लेकर औरों की काली कमाई सफेद करने में लगा था.

शायद इसीलिए यह आशंका जताई जा रही है कि काली कमाई को सफेद करने के मकसद से तो कहीं नवंबर के महीने में बड़ी संख्या में विशेष उड़ानें नहीं भरी गईं. आम तौर पर नवंबर के महीने में कारोबारी गतिविधियां कम रहती हैं. यही वजह है कि 2014 और 2015 में विशेष विमानों की उड़ानों में गिरावट भी दर्ज की गई. हालांकि चुनाव प्रचार के लिए भी राजनेताओं द्वारा इनका इस्तेमाल होता है. जैसा कि 2013 के नवंबर महीने में हुआ, जब अगले लोकसभा चुनाव के लिए अनौपचारिक प्रचार अभियान धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा था. एएआई के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2013 में विशेष विमानों की उड़ानों की संख्या में 8.8 फीसद की बढ़त दर्ज की गई थी.

इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में नाम न छापने की शर्त पर विशेष विमानों का संचालन करने वाली दिल्ली की कंपनी के एक अधिकारी कहते हैं, ‘मेरा अनुमान है कि जिनके पास काला धन है, उन्होंने नवंबर में ज्यादा उड़ानें बुक की हैं.’ इसके साथ ही वे जोड़ते हैं, ‘यह मेरा अनुमान ही है.’ उनके इस अनुमान को सरकार के आदेशों से थोड़ा मजबूत आधार मिल जाता है. जैसे कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 29 नवंबर को एक आदेश जारी किया था. इसमें कहा गया था, ‘ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि कुछ गैर-सूचीबद्ध संचालक बंद हो चुके नोटों को एक से दूसरी जगह ले जाने के लिए विशेष विमान मुहैया करा रहे हैं. इस तरह की उड़ानें खास तौर पर उन हवाई पटि्टयों से हो रही हैं, जो एएआई के अधीन नहीं आतीं. लिहाजा अब से इन हवाई पटि्टयों से किसी भी विमान की उड़ान से पहले संचालक को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) की पूर्व अनुमति लेनी होगी.’

इसके बाद सरकार ने छह दिसंबर को फिर एक आदेश जारी किया. इसके जरिए सभी हवाई अड्‌डों को निर्देश दिया गया, ‘आठ नवंबर के बाद से कितने विशेष विमानों या हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी और कितने उतरे, इस बाबत पूरी जानकारी दी जाए.’ इसके बाद आशंकाआें को बल मिलना ही था जो मिल रहा है.