प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को एक बार फिर निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा, ‘दक्षिण एशिया में सभी देशों के बीच शांतिपूर्ण रिश्ते रहने चाहिए लेकिन, भारत अकेला कुछ नहीं कर सकता. इसके लिए पाकिस्तान को भी आतंकवाद से दूर रहना होगा.’ आज कई अखबारों ने इस खबर को मुख्य पृष्ठ पर जगह दी है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन से जुड़ी खबरें भी पहले पन्ने की सुर्खियों में शामिल हैं.

इसके अलावा कानपुर के पास हुई दो रेल दुर्घटनाओं के पीछे पाकिस्तनी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ बताया गया है. आज कई अखबारों में छपी खबर के मुताबिक बिहार के मोतिहारी से गिरफ्तार तीन युवकों की गिरफ्तारी के बाद यह बात सामने आई. इन मामलों की जांच एनआईए, रॉ, बिहार एटीएस सहित कई जांच एजेंसियां कर रही हैं. शीना बोरा हत्याकांड मामले में इंद्राणी मुखर्जी, पीटर मुखर्जी और संजीव खन्ना पर आरोप तय कर दिए गए हैं. इस खबर को कुछ अखबारों ने पहले पन्ने और कुछ ने अंदर के पन्नों पर प्रमुखता से जगह दी है. खबर के मुताबिक सभी आरोपितों पर हत्या, आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.

केंद्र सरकार ने दो नौकरशाहों को सही प्रदर्शन नहीं करने के आधार पर सेवानिवृत कर दिया है. दैनिक जागरण ने इस खबर को ‘केंद्र ने दो नाकारा वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निकाला’ शीर्षक दिया है. खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने खराब सर्विस रिकॉर्ड वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही थी.

एटीएम की तरह किसी भी बैंक में पैसे की जमा- निकासी की योजना पर विचार

आने वाले दिनों में एटीएम की तरह किसी भी बैंक से पैसा निकाला जा सकता है. हिन्दुस्तान की एक खबर के मुताबिक नोटबंदी के दौरान नीति आयोग ने सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एकीकृत बैंकिंग व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया था. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि वित्त मंत्रालय आयोग के इस प्रस्ताव पर सहमत है. हालांकि, इसपर अभी आरबीआई से चर्चा होना बाकी है.

अखबार के मुताबिक मंत्रालय कोर बैंकिंग सॉफ्टवेयर (सीबीएस) जैसे नए प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी बैंक की 72000 से अधिक शाखाओं में लागू करने पर विचार कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि फरवरी में पेश किए जाने वाले बजट में बैंकिंग सुधार से जुड़ी घोषणाओं में इसे शामिल किया जा सकता है. इससे पहले यूपीए- 2 में भी योजना आयोग ने इस तरह का प्रस्ताव दिया था जिसे अव्यावहारिक बताकर मंजूरी नहीं दी गई.

पश्चिम बंगाल : जमीन अधिग्रहण का विरोध करने के दौरान दो लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल के 24 परगना स्थित भांगर में एक पावर प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध किए जाने के दौरान दो लोगों की मौत हो गई. घटना में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक दोनों व्यक्तियों की मौत गोली लगने की वजह से हुई है. हालांकि, गांव वालों का कहना है कि पुलिस ने उनपर गोली नहीं चलाई. उन्होंने इस घटना के पीछे सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों का हाथ होने का आरोप लगाया है.

बताया जाता है कि इलाके में बीते सोमवार को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई थी जब पुलिस ने दो सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. हालांकि एक घंटे बाद ही राज्य सचिवालय के निर्देश पर इन्हें छोड़ दिया गया. पिछली वामपंथी सरकार भी भांगर में जमीन अधिग्रहण करना चाहती थी लेकिन, सिंगुर और नंदीग्राम जैसी घटनाओं के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उस समय विपक्ष में थीं.

बिहार : एक अप्रैल, 2017 से शराब की फैक्ट्रियां बंद करने पर फैसला

बिहार में नीतीश सरकार ने पूर्ण शराबबंदी के बाद अब शराब की फैक्ट्रियों को भी बंद करने का फैसला लिया है. दैनिक जागरण के मुताबिक राज्य में शराब फैक्ट्रियां या बॉटलिंग प्लांट के लाइसेंसों का 31 मार्च, 2017 के बाद नवीकरण नहीं किया जाएगा. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी.

कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि फिलहाल सूबे में शराब की कुल 21 फैक्ट्रियां हैं. खबर के मुताबिक इन कंपनियों को प्रस्ताव दिया गया था कि यदि वे कोई अन्य अल्कोहल रहित पेय प्रोडक्ट बनाती हैं, तो उन्हें नए सिरे से लाइसेंस दिया जाएगा. हालांकि, इस फैसले से एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों को छूट दी गई है. कैबिनेट सचिव ने बताया कि इसका इस्तेमाल में पेट्रोल में किए जाने की वजह से इस पर कोई रोक नहीं लगाई गई है.

पुरातात्विक स्मारकों के पास निर्माण कार्य के लिए प्रस्ताव

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के एक प्रस्ताव में पुरातात्विक स्मारकों के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में लोक निर्माण पर से रोक हटाने की बात कही गई है. इनमें यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किए जा चुके स्मारक भी शामिल हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित निर्माण कार्यों में लोगों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे काम को शामिल किए जाने की बात कही गई है. कैबिनेट द्वारा इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद इसे संसद में पेश किया जा सकता है. कानून मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को पहले ही अपनी मंजूरी दे दी है.

अखबार के मुताबिक इस प्रस्ताव को कानूनी दर्जा देने के लिए साल 1958 के पुरातात्विक स्मारकों और स्थलों से संबंधित कानून में संशोधन करना होगा. इस कानून के तहत स्मारकों के 100 मीटर के दायरे में मरम्मत का काम छोड़कर किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाया गया है.

आज का कार्टून

भारतीय सेना के प्रमुख बनाए जाने के बाद से जनरल बिपिन रावत सुर्खियों में बने हुए हैं. केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति दो वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज करके की थी. इसके बाद सेना के एक जवानों द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी समस्या रखे जाने को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपना लिया है. पहले तो उन्होंने सोशल मीडिया को दुधारी तलवार बताते हुए जवानों को इससे बचने की सलाह दी. इसके बाद उन्होंने कहा कि इस माध्यम पर अपनी शिकायत रखने के बाद जवानों को सजा दी जा सकती है. आज द हिंदू का कार्टून इसी मुद्दे पर है.