सूचना आयुक्त एम श्रीधर आचार्युलु ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के डिग्री विवाद केस से किनारा कर लिया है. उन्हें अगली 10 फरवरी को इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करनी थी. इस याचिका में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) से स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यताओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है.

केंद्रीय सूचना आयोग से जुडे सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि आचार्युलु के कार्यालय ने गुरुवार को एक लिखित सूचना देकर कहा कि शुक्रवार से मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) से जुड़े सारे मामलों की सुनवाई सूचना आयुक्त मंजुला पाराशर करेंगी. सूचना आयोग ने पिछले सप्ताह एक आदेश जारी कर कहा था कि एचआरडी से जुड़े नए मामलों को आयुक्त मंजुला पाराशर देखेंगी. इस आदेश में यह भी लिखा था कि जो केस आचार्युलु के समय दर्ज हुए थे उनकी सुनवाई वही करेंगे. लेकिन गुरुवार को लिखे अपने नोट में आचार्युलु ने साफ कर दिया कि वे एचआरडी से जुड़े पुराने मामलों में कोई दखल नहीं देंगे. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने यह निर्णय मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर से मिलने के बाद लिया है. हालांकि आचार्युलु का कहना है कि यह उनका निजी फैसला है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्रियों से जुड़ी जानकारियों की जांच के आदेश के बाद श्रीधर आचार्युलु को एचआरडी से जुड़े मामलों की सुनवाई से हटा दिया गया था. इससे पहले भी आचार्युलु केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्याताओं की जांच के आदेश देकर चर्चा में रह चुके हैं. आचार्युलु ने आदेश में स्मृति ईरानी के दसवीं और बारहवीं कक्षा के परिणामों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल के आदेश दिए थे. आदेश की अवमानना करने पर आचार्युलु ने एसओएल के मुख्य सूचना अधिकारी ओ पी तंवर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था.