आरक्षण को लेकर आरएसएस विचारक मनमोहन वैद्य का बयान भाजपा के लिए नई चुनौती साबित होने जा रहा है. शनिवार को बसपा प्रमुख मायावती ने उनके बयान को आधार बनाकर आरएसएस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा. आरक्षण खत्म की दिशा में किसी भी पहल पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को दिन में तारे दिखा दिए जाएंगे. बसपा प्रमुख का यह भी कहना था कि ‘दलित वर्ग के लोग इस फैसले पर (आरक्षण खत्म करने पर) भाजपा को हमेशा-हमेशा के लिए राजनीति करना भुला देंगे.’ शुक्रवार को आरएसएस विचारक मनमोहन वैद्य ने जातिगत आरक्षण को अलगाव का कारण करार देते हुए इसे तुरंत समाप्त करने की जरूरत बतायी थी.

बसपा प्रमुख ने सपा और कांग्रेस पर भी हमला किया. उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ‘दागी’ नेता तो कांग्रेस को आखिरी सांसें गिन रही पार्टी बताया. कांग्रेस और सपा के संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा, ‘दागी अखिलेश यादव अब कांग्रेस के मुख्यमंत्री प्रत्याशी बन गए हैं. क्या कांग्रेस को यही दागी चेहरा चाहिए था?’ मायावती ने कांग्रेस पर अखिलेश यादव के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाया और कहा कि लोग इसे कांग्रेस का दिवालियापन मान रहे हैं.

सपा की अंदरूनी कलह पर टिप्पणी करते हुए मायावती ने इसे अखिलेश सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने का नाटक बताया. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने पुत्रमोह में शिवपाल यादव को बलि का बकरा बनाया है. मायावती ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राज्य की कानून-व्यवस्था के सवाल पर भी घेरा. मुजफ्फरनगर, दादरी और मथुरा दंगों का उदाहरण देते हुए उन्होंने सपा के शासन में 500 से ज्यादा छोटे-बड़े दंगे होने का आरोप लगाया. मायावती ने आगे यह भी कहा कि जो दागी चेहरा राज्य में गुंडागर्दी और अराजकता नहीं रोक सका हो उसे जनता क्यों वोट देगी.