‘विपक्षी दल जलीकट्टू प्रदर्शन के सहारे केंद्र-विरोधी भावनाएं भड़काना चाहते हैं.’

— वेंकैया नायडू, केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री

वेंकैया नायडू का यह बयान तमिलनाडु में जलीकट्टू से रोक हटाने के लिए जारी प्रदर्शन के उग्र हो जाने पर आया. उन्होंने विपक्षी दलों पर जलीकट्टू पर हो रहे प्रदर्शनों का राजनीतिक लाभ उठाने का भी आरोप लगाया. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक मान्यताओं को लेकर संवेदनशील है. उन्होंने युवाओं से प्रदर्शन बंद करने और पढ़ाई शुरू करने की अपील भी की. तमिलनाडु सरकार ने अध्यादेश के जरिए जलीकट्टू (बैलों को काबू करने का खेल) को मंजूरी दे दी थी जो अब विधानसभा से भी पारित हो चुका है. हालांकि, जलीकट्टू समर्थक इसे अस्थायी समाधान मानते हुए विरोध प्रदर्शन छोड़ने को तैयार नहीं हैं.

‘मोदी सरकार ने नेताजी के जय हिंद के नारे को जियो हिंद में बदल दिया है.’

— सीताराम येचुरी, सीपीआई-एम महासचिव

सीताराम येचुरी का यह बयान नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 120वीं जयंती पर आया. उनका इशारा रिलायंस जियो के विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छपने को लेकर था. सीबपीआई (एम) महासचिव ने कहा कि नेताजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय देशभक्तों के राजकुमार की मान्यता मिली हुई थी. सीताराम येचुरी का कहना था कि नेताजी भारतीय राष्ट्रवाद में विश्वास करते थे, न कि धर्म या संप्रदाय आधारित संकीर्ण राष्ट्रवाद में. येचुरी ने कहा कि नेताजी लोगों को राष्ट्रहित में एकजुट करने में सक्षम थे जो इंडियन नेशनल आर्मी के गठन करने के उनके तरीके में देखा जा सकता है.


‘मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता को तुरंत लागू करना जरूरी है.’

— तसलीमा नसरीन, बांग्लादेशी लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता

तसलीमा नसरीन का यह बयान जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान एक परिचर्चा में आया. उन्होंने कहा कि इस्लामिक समाज की प्रगति के लिए उसका सहिष्णु बनना और आलोचनाओं को स्वीकार करना जरूरी है. 1994 से निर्वासित जीवन जी रहीं बांग्लादेशी लेखिका ने कहा, ‘इस्लाम द्वारा आलोचनाओं को स्वीकार न करने तक कोई भी इस्लामिक राष्ट्र सेक्युलर नहीं बन सकता है.’ सभी धर्मों को महिला विरोधी बताते हुए तसलीमा नसरीन ने यह भी कहा कि शिक्षा से ही समाज में बढ़ती असहनशीलता और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोका जा सकता है.


‘अखिलेश शासन में हुए मुजफ्फरनगर दंगे को कोई कैसे भूल सकता है.’

— असदुद्दीन ओवैसी, एआईएमआईएम के अध्यक्ष

ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर चर्चा करते हुए आया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग मुजफ्फरनगर दंगे को कभी नहीं भूलेंगे. सपा और कांग्रेस गठबंधन को अपनी-अपनी नाकामियां छिपाने की कोशिश बताते हुए उन्होंने अखिलेश सरकार पर 2012 के चुनावी वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया. ओवैसी ने पूछा, ‘मुस्लिमों को आरक्षण देने के वादे पर अखिलेश सरकार ने क्या किया? क्या उन्होंने इसके लिए कोई समिति बनायी?’ सपा द्वारा महिलाओं को प्रेशर कुकर देने के वादे पर तंज करते हुए उन्होंने कहा कि खुद अखिलेश यादव की हालत प्रेशर कुकर जैसी हो गई है.


‘पुरातात्विक स्थलों पर बमबारी युद्ध अपराध है.’

— मोहम्मद अहमद, सीरिया के संस्कृति मंत्री

मोहम्मद अहमद का यह बयान इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा सीरिया के प्राचीन स्थलों को निशाना बनाने पर आया. सीरिया के संस्कृति मंत्री ने कहा, ‘यह स्मारक केवल सीरिया की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की धरोहर हैं.’ उन्होंने देश की ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा करने के लिए विश्व समुदाय से आगे आने की अपील की. मोहम्मद अहमद ने कहा कि ऐसे मुश्किल समय में कोई भी निष्क्रियता न केवल पालमेरा का संकट बढ़ाएगी, बल्कि साफ तौर पर वैश्विक विरासत को संरक्षित करने की मानवीय और नैतिक जिम्मेदारी से पलायन साबित होगी. बीते शुक्रवार को आईएस ने पालमेरा में ऐतिहासिक रोमन रंगभूमि और अन्य अवशेषों को नष्ट कर दिया था.