पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर 150 प्रवासी नागरिकों (एनआरआई) के स्वागत में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का पहुंचना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह अमृतसर पहुंचे ये एनआरआई खासतौर पर आगामी विधानसभा चुनावों में आप के चुनाव प्रचार के लिए आए हैं. जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह भी 250 एनआरआई का एक जत्था दिल्ली पहुंचा था जिनके स्वागत के लिए बाजे-गाजे के साथ आप के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया खुद पहुंचे थे.

आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि बीते कुछ सप्ताहों में 6000 से ज्यादा प्रवासी पंजाबी भारत लौट कर आए हैं. पार्टी के मुताबिक विधानसभा चुनावों से पहले प्रवासियों का बड़ी संख्या में पंजाब आना साबित करता है कि वे पंजाब की राजनीति में बदलाव लाने के लिए बेताब हैं. उसके मुताबिक अपने काम-धंधों को छोड़ और जेब से किराया लगाकर ये लोग सिर्फ यह सुनिश्चित करने पंजाब आए हैं कि प्रदेश में कांग्रेस या सत्ताधारी अकाली दल फिर से सरकार न बना सके.

बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में प्रवासियों की प्रदेश वापसी सत्ताधारी अकाली दल और कांग्रेस, दोनों के लिए सरदर्द बनी हुई है. तमाम मतभेदों के बावजूद दोनों दलों का मानना है कि प्रवासियों द्वारा चुनाव प्रचार पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए. उनके मुताबिक इन लोगों में से कइयों के संबंध कट्टरपंथी तत्वों से हैं और ऐसे में इनका चुनाव प्रचार प्रदेश की शांति के लिए खतरनाक है. केंद्रीय मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की पुत्रवधू हरसिमरत कौर का कहना है, ‘आप, कट्टरपंथी ताकतों से जुड़ चुकी है. वे लोग विदेशों से लोगों को एक बाद एक हवाई जहाज में भर-भर कर ला रहे हैं और उन्होंने अपने पैसे का दुरुपयोग करते हुए पंजाब में अशांति फैलाने का नया काम शुरू कर दिया है’. कांग्रेस के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार अमरिंदर सिंह ने भी कहा है कि उन्होंने इस बारे में चुनाव आयोग से शिकायत की है.

दोनों दलों के नेताओं के इस रुख से कई प्रवासी खफा हैं. एक अखबार से बात करते हुए एनआरआई राजेश शर्मा कहते हैं, ‘लगता है ये लोग सठिया गए हैं. मैं यहीं पैदा हुआ और यहीं का हूं. एक भारतीय नागरिक होने के नाते मुझे नहीं लगता कि चुनाव आयोग मुझे आप के लिए चुनाव प्रचार करने से रोकेगा.’ शर्मा ब्रिटेन से आए एक समूह के साथ मजीठिया विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं.

फिलहाल चुनाव आयोग ने दोनों दलों की शिकायत को स्वीकार कर लिया है. पंजाब में विधानसभा चुनाव में दो सप्ताह से भी कम समय बचा है. प्रवासी पंजाबी पूरे जोर-शोर से आप के प्रचार में जुटे हुए हैं. ऐसे में चुनाव आयोग का यह कदम आप को थोड़ा सा परेशान कर सकता है.