‘राम मंदिर भाजपा का बुनियादी मुद्दा है, पार्टी इसे छोड़ नहीं सकती.’

— विनय कटियार, भाजपा नेता व सांसद

विनय कटियार का यह बयान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का वादा दोहराते हुए आया. उन्होंने दावा किया कि 30 साल पहले उनके द्वारा शुरू किया गया राम मंदिर आंदोलन भाजपा के लिए बड़ी उछाल का आधार बना था. इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि इस बयान को उत्तर प्रदेश के चुनाव से न जोड़ा जाए क्योंकि यह काफी पुराना मुद्दा है जो मंदिर न बनने तक उठता रहेगा. इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी कह चुके हैं कि अगर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो भव्य राम मंदिर बनाया जाएगा. वैसे भाजपा राम मंदिर नहीं बल्कि विकास को अपना चुनावी मुद्दा बताती रही है.

‘विक्टोरिया मेमोरियल हॉल को अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार को बताने वाला संग्रहालय बना देना चाहिए.’

— शशि थरूर, कांग्रेस नेता और लेखक

शशि थरूर ने यह बात विक्टोरिया मेमोरियल हॉल को अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार और शोषण की कहानी सुनाने के लिए बेहतर जगह बताते हुए कही. कोलकाता लिटरेचर मीट में उन्होंने कहा कि इसके जरिए केवल खुशनुमा कहानियां सुनाने के बजाए उस दौर की डरावनी यादों को भी लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए. इसके लिए एक बड़ी राष्ट्रीय परियोजना की जरूरत बताते हुए थरूर का कहना था कि दुनिया में कहीं भी गुलामी की दास्तां बताने वाला संग्रहालय नहीं है. शशि थरूर के मुताबिक दुनिया का इतिहास विजेताओं और सरकारों ने लिखा है, यही वजह है कि हम अंग्रेजी हुकूमत को उसके नजरिए से देखते आ रहे हैं.


‘सरकार की जिम्मेदारी ईमानदार और जवाबदेह प्रशासन देना है.’

— किरण बेदी, पुडुचेरी की उपराज्यपाल

किरण बेदी ने यह बात गणतंत्र दिवस के मौके पर अपने संदेश में कही. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित कर रही है जो पारदर्शिता लाने और राजस्व बढ़ाने में मददगार साबित होगा. किरण बेदी ने डिजिटल भुगतान बढ़ने से कर का दायरा बढ़ने और करों में कमी आने की उम्मीद जताई. उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया. पुडुचेरी की उपराज्यपाल ने कहा कि वे इस साल दो अक्टूबर तक पुडुचेरी को खुले में शौच जाने की समस्या से मुक्त केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.


‘भारत का एक संगठित देश के रूप में 70 साल तक बचे रहना चमत्कार है.’

— रामचंद्र गुहा, इतिहासकार

रामचंद्र गुहा का यह बयान 1970 के दशक में पश्चिमी विश्लेषकों द्वारा भारत के टूट जाने की अटकलों का जिक्र करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हमने उन्हें गलत साबित कर दिया है.’ गुहा ने कहा कि कश्मीर और पूर्वोत्तर में समस्या के बावजूद भारत अपनी राजनीतिक एकता कायम रख पाने में 90 फीसदी तक सफल रहा है. कोलकाता लिटलेचर मीट में उन्होंने भारत को लोकतंत्र के मामले में 50 फीसदी सफल देश बताया. इसके साथ उन्होंने चिंता जताई कि आज लोकतंत्र का मतलब चुनाव जीतने या हारने तक सिमट गया है और असल मुद्दे दफन कर दिए गए हैं. गुहा का यह भी कहना था कि असहिष्णुता केवल राजनीतिक वर्ग में ही नहीं, बल्कि समाज के भाषायी और सामुदायिक समूहों में भी मौजूद है.


‘ट्रंप की नीतियों के लिए चलते अप्रवासियों के लिए अमेरिका कम सुरक्षित रह गया है.’

— कमला हैरिस, भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद

कमला हैरिस का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रवासी विरोधी नीतियों को लेकर आया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी समाज में योगदान देने वाले अप्रवासियों को वापस भेजने की नीति अमेरिका की ताकत नहीं है. ट्रंप द्वारा मैक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने पर उन्होंने कहा कि करदाताओं से एक अव्यावहारिक दीवार के लिए भुगतान करने के लिए कहना समस्या का समाधान नहीं है. हैरिस का यह भी कहना था कि शहरी प्रशासन को अप्रवासी परिवारों और उनके बच्चों को सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सेवाएं देने से इनकार करने के लिए कहना न केवल गैर-जिम्मेदाराना, बल्कि क्रूरता है.